Varanasi: नवरात्रि के समापन के साथ ही शनिवार को काशी में मां दुर्गा की प्रतिमाओं का विसर्जन भावनाओं और परंपराओं के संगम में संपन्न हुआ। गोल्डेन स्पोर्टिंग क्लब की प्रतिमा के विसर्जन के दौरान देवनाथपुरा से लेकर मैदागिन तक श्रद्धा, उल्लास और विदाई की मिलीजुली तस्वीरें नजर आईं। सिंदूर खेला के बाद महिलाओं ने मां को बेटी की तरह विदाई दी, तो ढोल-नगाड़ों की थाप और जय माता दी के जयघोष से पूरा शहर गूंज उठा।

Varanasi: प्रतिमा को देखर सभी हुए भाव-विभोर
देर शाम गोल्डेन स्पोर्टिंग क्लब (Varanasi) की प्रतिमा को देवनाथपुरा की तंग गलियों से बाहर लाया गया। लगभग 15 फीट ऊंची प्रतिमा को सड़क तक पहुंचने में करीब एक घंटे से अधिक समय लग गया। इस दौरान महिलाओं ने सिंदूर खेला की रस्म निभाई, खोइंचा भरकर माता को अगले वर्ष फिर आने का आमंत्रण दिया और आंखों में आंसू लिए विदाई दी।


प्रतिमा के आगे-आगे श्रद्धालु नाचते-गाते चल रहे थे। ढाक और डीजे की धुन पर लोग झूम उठे। जगह-जगह भक्तों ने आरती उतारी और पुष्पवर्षा कर मां का स्वागत किया। करीब सात बजे प्रतिमा मदनपुरा (Varanasi) की मुख्य सड़क पर पहुंची और वहां से गोदौलिया चौराहे की ओर बढ़ी। रास्ते भर “जय माता दी” के नारे गूंजते रहे।


गोदौलिया चौराहा पर प्रतिमा ने की पांच परिक्रमा
गोदौलिया पहुंचने के बाद परंपरा के अनुसार प्रतिमा ने पांच परिक्रमा की, जिसके बाद आतिशबाजी ने माहौल को और भी ज्यादा उत्सवमय कर दिया। वहीं मां की इस प्रतीमा (Varanasi) के विसर्जन का ड्रोन वीडियो इसकी भव्यता को बखूबी दर्शाता है। इसके बाद शोभायात्रा मैदागिन की ओर बढ़ी और रात करीब 9:55 बजे मां दुर्गा की प्रतिमा का कंपनी बाग स्थित मंदाकिनी कुंड में विधिवत विसर्जन किया गया।

पूरे मार्ग पर सुरक्षा के सख्त इंतजाम रहे। पांच थानों की पुलिस फोर्स, एक कंपनी पीएसी और ड्रोन कैमरों से निगरानी की गई। पूरे क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया था ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो।

