वाराणसी (Varanasi) के कबीर मठ मूलगादी कबीरचौरा के महंत विवेक दास पर राजस्थान के जोधपुर में धोखाधड़ी, कूटरचना और आपराधिक षड्यंत्र रचने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह मामला जोधपुर के फतेहसागर स्थित कबीर आश्रम के महंत राजेंद्र दास की शिकायत पर दर्ज हुआ है। इसी मामले में उज्जैन के कबीर मठ के महंत चेतन दास का भी नाम शामिल है। फिलहाल, जोधपुर सिटी पूर्व के उदय मंदिर थाने में मामला दर्ज कर पुलिस जांच में जुटी हुई है।
आश्रम की संपत्तियों को लेकर विवाद
महंत राजेंद्र दास के अनुसार, उनके गुरु प्रह्लाद दास कोविड काल में ब्रह्मलीन हो गए थे। गुरु की आज्ञा के अनुसार, जुलाई 2021 में राजेंद्र दास को फतेहसागर कबीर आश्रम (Varanasi) का महंत घोषित किया गया था। इसके बाद से ही उज्जैन के संत चेतन दास ने आश्रम की संपत्तियों पर कब्जा करने की नीयत से कार्य शुरू कर दिया।
महंत प्रमाणपत्र (Varanasi) का निरस्तीकरण
राजेंद्र दास का आरोप है कि चेतन दास ने कबीर मठ वाराणसी के महंत विवेक दास से मिलकर उनके महंत प्रमाणपत्र का निरस्तीकरण करवाया। राजेंद्र दास ने कहा कि विवेक दास ने उन्हें कभी महंत घोषित ही नहीं किया था, तो वे उन्हें पद से हटाने का अधिकार भी नहीं रखते। इसी तरह, वह भी विवेक दास को उनके पद से नहीं हटा सकते, क्योंकि यह अधिकार उनके पास नहीं है।
पुलिस जांच में जुटी
पुलिस ने महंत राजेंद्र दास की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जल्द ही उज्जैन से महंत चेतन दास और वाराणसी (Varanasi) से महंत विवेक दास को पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। महंत विवेक दास पहले भी विवादों में रहे हैं। मई 2022 में एक महिला से अश्लीलता के मामले में उन्हें जेल भेजा गया था। महिला ने उन पर अश्लील टिप्पणियों के आरोप लगाए थे।