Varanasi: गंगा नदी के बीच उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पांडेय घाट के सामने संचालन के दौरान एक नाव में अचानक आग लग गई। गनीमत यह रही कि नाव में उस समय कोई यात्री सवार नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नाव बीच धारा में पहुंची ही थी कि अचानक उसका ईंधन समाप्त हो गया और नाव रुक गई। नाविक ने इंजन में दोबारा डीजल डालने की कोशिश की। बताया जा रहा है कि इंजन पहले से गर्म था, ऐसे में जैसे ही तेल डाला गया, आग भड़क उठी। देखते ही देखते इंजन के पास लपटें उठने लगीं।
Varanasi: नाविकों की सूझबूझ से बची जान
आग लगते ही आसपास मौजूद अन्य नाविक तुरंत सक्रिय हो गए। उन्होंने हिम्मत और तत्परता दिखाते हुए आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। कुछ ही देर में आग पर काबू पा लिया गया। घटना में किसी के घायल होने या जान-माल के नुकसान की सूचना नहीं है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस (Varanasi) भी मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।
एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी ने बताया कि शाम लगभग 6:30 बजे पांडेय घाट के सामने गंगा में एक नाव संचालन के दौरान आग की चपेट में आ गई। ईंधन समाप्त होने के कारण चालक इंजन की टंकी में तेल डाल रहा था, तभी डब्बे में आग लग गई। चालक ने तत्परता दिखाते हुए जलते डब्बे को तुरंत गंगा (Varanasi) में फेंक दिया, जिससे आग फैलने से बच गई। उन्होंने बताया कि किसी प्रकार का जान-माल का नुकसान नहीं हुआ है और सभी लोग सुरक्षित हैं।
हाल के दिनों में गंगा (Varanasi) में नाव संचालन को लेकर लगातार सख्ती और एडवाइजरी जारी की जा रही है। ऐसे में बीच नदी में आग लगने की यह घटना सुरक्षा मानकों पर सवाल खड़े कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इंजन ठंडा किए बिना ईंधन भरना जोखिम भरा हो सकता है।

