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काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (IMS) में कोरोना वायरस (Covid) के नए वैरिएंट ने दस्तक दे दी है। माइक्रोबायोलॉजी विभाग में कार्यरत एक रेजिडेंट डॉक्टर और एक लैब ऑपरेटर की रिपोर्ट कोविड पॉजिटिव आने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है। दोनों संक्रमित फिलहाल क्वारंटीन में हैं और विभाग ने सतर्कता बढ़ा दी है।
बताया जा रहा है कि संक्रमित पाए गए दोनों कर्मचारियों को आइसोलेट कर इलाज शुरू कर दिया गया है। साथ ही उनके संपर्क में आए लोगों की पहचान और स्क्रीनिंग भी की जा रही है। यह मामला वाराणसी में कोरोना के नए वैरिएंट NB 1.8.1 का पहला केस है, जिससे संक्रमण की आशंका और बढ़ गई है।
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, BHU में इलाज के लिए पहुंचे तीन अन्य मरीजों (Covid) की रिपोर्ट भी पॉजिटिव आई है, जिससे संक्रमितों की कुल संख्या पांच हो गई है। इन मामलों ने एक बार फिर कोरोना को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
सिर्फ BHU में हो रही जांच
वाराणसी जैसे टूरिस्ट हब में जहां रोजाना लाखों लोग देश-विदेश से पहुंचते हैं, वहां फिलहाल सिर्फ BHU में ही कोविड की जांच की जा रही है। तमिलनाडु, महाराष्ट्र, गुजरात, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, आंध्र प्रदेश, मध्य प्रदेश सहित कई राज्यों से भारी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक यहां आ रहे हैं। विदेशी पर्यटकों की आमद भी लगातार बनी हुई है, लेकिन सीमित जांच व्यवस्था (Covid) से संक्रमण के प्रसार का खतरा और बढ़ गया है।
बीएचयू सुपर स्पेशियलिटी में (Covid) जांच की सुविधा
कोरोना (Covid) की जांच BHU अस्पताल की सुपर स्पेशियलिटी बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर पर की जा रही है। माइक्रोबायोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. गोपालनाथ ने जानकारी दी कि यदि किसी व्यक्ति को वायरल बुखार, खांसी, सर्दी या सांस लेने में तकलीफ जैसी शिकायत हो, तो तुरंत जांच केंद्र पर जाकर सैंपल दें। उन्होंने दिल्ली, महाराष्ट्र और गुजरात से लौटने वालों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
न करें लापरवाही, मास्क और दूरी जरूरी
बीएचयू के डॉक्टरों और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि वे कोरोना को हल्के में न लें। मास्क का प्रयोग, नियमित हाथ धोना और भीड़-भाड़ वाले स्थानों से परहेज करना जरूरी है। खासकर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने प्रशासन से अपील की है कि BHU के अलावा शहर में अन्य प्रमुख स्थानों और रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट, घाटों पर भी जांच केंद्र (Covid) बनाए जाएं। इसके अलावा बाहर से आने वाले यात्रियों की रैंडम टेस्टिंग और स्क्रीनिंग जरूरी है ताकि संक्रमण को शुरुआती स्तर पर ही रोका जा सके।