Varanasi: गंगा का जलस्तर लगातार खतरे की ओर बढ़ रहा है। वर्तमान में गंगा का स्तर 70.93 मीटर दर्ज किया गया है, जो चेतावनी बिंदु से 0.67 मीटर ऊपर और खतरे के निशान से मात्र 0.33 मीटर नीचे है। इस वक़्त गंगा का जलस्तर आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहा है। हालात ऐसे रहे तो जल्द ही जलस्तर खतरे के स्तर को पार कर जाएगा।
Varanasi: 24 घंटों में दो मीटर बढ़ा स्तर
गंगा का उच्चतम जलस्तर 73.901 मीटर है। पिछले 24 घंटों में नदी का स्तर दो मीटर से अधिक बढ़ चुका है, जिससे घाटों और निचले इलाकों की स्थिति बिगड़ गई है। अस्सी घाट का सुबह-ए-बनारस मंच जलमग्न हो चुका है, मणिकर्णिका घाट (Varanasi) की गलियों में पानी भर गया है और दशाश्वमेध घाट पर बनी जल पुलिस चौकी बाढ़ में समा गई है। यहां तक कि शीतला मंदिर के गर्भगृह तक पानी पहुंच गया है। अस्सी से राजघाट तक हजारों मंदिर पानी में डूब चुके हैं।

यह पहली बार है जब एक ही मानसून सीजन में दूसरी बार बाढ़ का संकट पैदा हुआ है। इस आपदा से दस हजार से अधिक लोगों की जिंदगी प्रभावित हो रही है। कई इलाकों से पलायन भी शुरू हो चुका है।
गंगा के साथ-साथ सहायक नदी वरुणा भी उफान पर है। बीते 24 घंटों में वरुणा का जलस्तर पांच मीटर से ज्यादा बढ़ा है। इसका असर वरुणा (Varanasi) तटवर्ती इलाकों पर साफ दिखाई दे रहा है। वरुणा कॉरिडोर का पाथवे जलमग्न हो गया है।

वाराणसी (Varanasi) के नक्खी घाट, दीनदयालपुर, पुरानापुल, शक्कर तालाब, उंचवां और हिदायत नगर जैसे मोहल्लों में करीब दस हजार लोगों पर बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय लोग दूसरी बार बाढ़ की मार झेल रहे हैं। मुश्किल यह है कि हाल ही में घर लौटकर सफाई पूरी करने का समय भी नहीं मिला था कि वरुणा का पानी फिर से बढ़ने लगा।