Varanasi: से बच्चे चुराकर राजस्थान और झारखंड में बेचने के मामले में युवकों कोर्ट ने दोषी करार दिया हैं। हालांकि या मामला 2 साल तक चला इसी बीच अब कोर्ट ने तमाम साक्ष्य, गवाहों और चार्जशीट के आधार पर बच्चा चोरों को आजीवन कारावास की की सजा सुनाई।
दरअसल, फास्ट ट्रैक कोर्ट न्यायाधीश कुलदीप सिंह की अदालत ने सोमवार को (Varanasi) मानव तस्करी में झारखंड के कोडरमा निवासी कुलदीप पासवान व पश्चिम बंगाल के नंदलाल राम को दोषी पाया, जिसको कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई दी हैं। साथ ही दोनों पर 15-15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया हैं।
29अप्रैल 2023 की रात चोरी हुआ बच्चा
इस दौरान अभियोजन के वकील मनोज गुप्ता ने बताया कि राजघाट निवासी पिंकी, कटिंग मेमोरियल मांटेसरी स्कूल के पास अपने घर में एक साल के बच्चे के साथ सोई थी। 29 अप्रैल 2023 की रात दो बजे बच्चा चोरी हो गया। हालांकि विवेचना के दौरान नाम सामने आने पर (Varanasi) पुलिस ने 19 जुलाई 2023 को कोडरमा से कमलेश पासवान को गिरफ्तार किया गया।

वहीं पूछताछ में उसने बताया कि कोडरमा की अनुराधा देवी ने उसके माध्यम से बच्चे को पश्चिम बंगाल निवासी नंदलाल राम को बेचा। (Varanasi) पुलिस जब कुलदीप पासवान को लेकर नंदलाल राम के ठिकाने पर पहुंची, जहां से बच्चे को सकुशल बरामद किया गया और नंदलाल राम को गिरफ्तार किया गया।
राजस्थान व झारखंड में बेचे बच्चे
पुलिस ने बताया कि बच्चों की चोरी कर राजस्थान, झारखंड व बिहार में दलालों के माध्यम से दो से पांच लाख रुपये में निसंतान दंपती या जरूरत मंद लोगों यह फिरोह बेच को बेच देते हैं। और पैसे को आपस में बाँट लिया करते थे।
बताते चलें की फास्ट ट्रैक कोर्ट ने गवाह, साक्ष्य और (Varanasi) पुलिस चार्जशीट के आधार पर दोनों को दोषी पाया। पुलिस ने बच्चे को अगवा करने वाली कार भी बरामद कर सीज कर दी थी। सुनवाई के बाद अदालत ने दो नामजद को दोषी पाया है और उन्हें उम्रकैद की सजा सुनाई हैं।

