Varanasi: घाटों पर स्नान को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनाने की दिशा में प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। अब काशी के 20 से अधिक प्रमुख घाटों पर फ्लोटिंग बाथ कुंड और फ्लोटिंग जेटी का निर्माण किया जाएगा। इस परियोजना से गंगा स्नान के दौरान होने वाले हादसों पर रोक लगने की उम्मीद है। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने इस संबंध में उत्तर प्रदेश क्लीन एनर्जी लिमिटेड (UPCIL) को विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए हैं। यह प्रस्ताव तैयार कर जल्द ही शासन को भेजा जाएगा।
Varanasi: सभी स्थानों पर फ्लोटिंग बाथ कुंड और जेटी
प्रारंभिक सूची में जिन घाटों (Varanasi) को शामिल किया गया है, उनमें अस्सी, मीरघाट, तुलसी घाट, पंचगंगा, अहिल्याबाई घाट, सिंधिया घाट, राजघाट, दरभंगा घाट, भोंसले पांडेय घाट और केदार घाट जैसे प्रमुख घाट शामिल हैं। इन सभी स्थानों पर फ्लोटिंग बाथ कुंड बनाए जाएंगे ताकि श्रद्धालु सुरक्षित ढंग से स्नान कर सकें।
प्रशासन के अनुसार, फ्लोटिंग जेटी इस प्रकार लगाई जाएगी कि उससे नाव संचालन में कोई व्यवधान न हो। इसके अलावा, फ्लोटिंग बाथ कुंड के पास चेंजिंग रूम और अन्य जरूरी सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों (Varanasi) को आधुनिक सुविधा का अनुभव हो सके।
डीएम ने बताया कि पहले चरण में घाटों का सर्वे कराया जाएगा। जहां स्नानार्थियों की संख्या अधिक होती है या हादसे की आशंका ज्यादा होती है, वहां प्राथमिकता के आधार पर निर्माण कार्य कराया जाएगा।