Varanasi: जंसा थाना क्षेत्र में मंगलवार को दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब एक विवाहिता ने अपने दो मासूम बेटों के साथ महाकाल एक्सप्रेस के सामने कूदकर आत्महत्या कर ली। हादसा उत्तर रेलवे के चौखंडी स्टेशन के पश्चिमी छोर पर दोपहर बाद हुआ, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी।
सूचना मिलते ही जंसा पुलिस मौके पर पहुंची और तीनों शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। मृत महिला की पहचान 30 वर्षीय मीनू पटेल के रूप में हुई है, जो जंसा क्षेत्र के ही हरसोस गांव निवासी विकास पटेल की पत्नी थी।
मूल रूप से भदया (हाथी) गांव निवासी मीनू की शादी सात साल पहले विकास से हुई थी। मीनू के दो छोटे बेटे — विप्लव (6 वर्ष) और विपुल (4 वर्ष) थे। विकास इन दिनों सूरत में रहकर एक निजी कंपनी में काम करता है।
Varanasi: मायके वालों ने लगाए गंभीर आरोप
परिजनों के अनुसार, विकास को यह शक हो गया था कि मीनू के किसी अन्य पुरुष से संबंध हैं। इसी संदेह के चलते वह लगातार फोन कर उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। इसके साथ ही मीनू के भरण-पोषण में भी कोई सहयोग नहीं करता था। वहीं, ससुराल पक्ष के लोग भी आए दिन उसे मारते-पीटते और तंग करते थे।
घटना के दिन सुबह मीनू की सास, ससुर और जेठानी ने उसे जमकर पीटा और घर से बाहर निकाल दिया। अपनी शिकायत लेकर वह जंसा थाने गई, जहां महिला हेल्प डेस्क पर उसने उत्पीड़न की बात बताई। पुलिस ने कार्रवाई का आश्वासन देते हुए उसे वापस घर भेज दिया। लेकिन जब मीनू घर पहुंची तो परिवारवालों ने उसके कमरे पर ताला लगा दिया और उसे घर में घुसने नहीं दिया।
हैरानी की बात यह रही कि जब मीनू ने यह स्थिति अपने पति विकास को बताई, तो उसने भी कोई मदद करने से साफ इनकार कर दिया। इस बीच मीनू के मायके से परिजन ससुराल पहुंचे, लेकिन ससुराल वालों ने उन्हें गालियां देकर भगा दिया।
इन तमाम परिस्थितियों से आहत होकर मीनू ने अपने दोनों बेटों को साथ लिया और महाकाल एक्सप्रेस के सामने कूदकर जान दे दी। पुलिस ने मृतका के भाई कमलेश पटेल की तहरीर पर पति विकास पटेल, सास सुदामा, ससुर लोदी और जेठानी रेशमा के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।