Varanasi: महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर एक बड़ा और ऐतिहासिक कदम वाराणसी में उठाया गया है। आईटीवी फाउंडेशन के महिला-केंद्रित स्वास्थ्य अभियान ‘नमो शक्ति रथ’ का शहर में विस्तार करते हुए स्तन कैंसर की निःशुल्क जांच के लिए 20 मोबाइल वैन को रवाना किया गया। इन वैनों को सांसद कार्तिकेय शर्मा ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह अभियान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “स्वस्थ नारी–सशक्त परिवार” के विज़न से प्रेरित है, जिसमें समय पर जांच और बीमारी की शुरुआती पहचान को सबसे अहम माना गया है। नमो शक्ति रथ के जरिए महिलाओं को घर के पास ही आधुनिक तकनीक से जांच की सुविधा मिलेगी।
Varanasi:की खासियत है -संपर्क रहित
इस अभियान की खासियत यह है कि इसमें एआई आधारित थर्मल इमेजिंग तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह जांच पूरी तरह नॉन-इनवेसिव, रेडिएशन-फ्री और संपर्क-रहित है। इससे महिलाओं की झिझक भी कम होती है और बीमारी की शुरुआती अवस्था में पहचान संभव हो पाती है। अपने पैमाने और तकनीक के कारण यह अभियान विश्व का सबसे बड़ा स्तन कैंसर स्क्रीनिंग अभियान माना जा रहा है। आईटीवी फाउंडेशन लंबे समय से महिला स्वास्थ्य के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहा है। स्तन कैंसर जांच के अलावा फाउंडेशन की ओर से स्वास्थ्य शिविर, जागरूकता कार्यक्रम और निवारक स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कई प्रयास लगातार किए जाते रहे हैं।

उद्घाटन कार्यक्रम (Varanasi) में प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की मजबूत मौजूदगी दिखी। कार्यक्रम में सांसद कार्तिकेय शर्मा, आईटीवी फाउंडेशन की अध्यक्ष ऐश्वर्या पंडित शर्मा, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, जिलाधिकारी (Varanasi) सत्येंद्र कुमार, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर कुमार सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी आर. प्रसाद सहित आशा कार्यकर्ता, एएनएम और अन्य स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहे।

इस मौके पर सांसद कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि महिलाओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए समय पर जांच बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि 17 सितंबर को हरियाणा से शुरू हुआ यह अभियान प्रारंभिक पहचान को जीवन-रक्षक मानने की सोच को मजबूत करता है। आयुष्मान भारत जैसी योजनाओं ने इलाज की सुविधा दी है, जबकि नमो शक्ति रथ बीमारी पकड़ में आने से पहले ही उसे पहचानने का काम कर रहा है।

जिलाधिकारी (Varanasi) सत्येंद्र कुमार ने वाराणसी में इस अभियान की शुरुआत के लिए आईटीवी फाउंडेशन का आभार जताया और इसे जिले में निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम बताया। मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने कहा कि उत्तर प्रदेश में वाराणसी पहला जिला है जहां इस अभियान की शुरुआत हुई है। उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से पूरा सहयोग दिया जाएगा और आशा कार्यकर्ता व एएनएम की भूमिका इसमें निर्णायक होगी।

जिला (Varanasi) पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या ने कहा कि महिलाएं अक्सर अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता नहीं दे पातीं। ऐसे में यह पहल बेहद उपयोगी है। अभियान के शुभारंभ के पहले ही दिन आयुक्त कार्यालय के पास स्क्रीनिंग शिविर लगाए गए, जहां बड़ी संख्या में महिलाओं ने जांच कराई। इससे साफ है कि महिलाओं में इस पहल को लेकर भरोसा और उत्साह दोनों है। वाराणसी में नमो शक्ति रथ का विस्तार यह दिखाता है कि जब प्रशासन, सामाजिक संस्थाएं और जनप्रतिनिधि मिलकर काम करते हैं, तो निवारक स्वास्थ्य सेवाएं जमीनी स्तर तक पहुंच सकती हैं—और यही स्वस्थ, सशक्त भारत की असली बुनियाद है।

