Varanasi: मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन में शामिल होने के लिए मंगलवार को वाराणसी पहुंचे। इस दौरान उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन पूजन किया। उसके बाद कॉरिडोर (Varanasi) का भ्रमण कर विश्वनाथ मंदिर के एसओपी को समझा। इसके बाद बरेका में विक्रमोत्सव महानाट्य मंचन की तैयारियों का अवलोकन करने के बाद एक समीक्षा बैठक की। जिसके बाद उन्होंने मिडिया से बातचीत भी किया।
इस दौरान उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर कारीडोर की खूब सराहना की। वहीं उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और मुखमंत्री योगी की देखरेख में उत्तरप्रदेश का विकास स्तर बढ़ गया है। इसके बाद उन्होंने एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन 2026 की विशेषताएं बताई। जिस पर उन्होंने कहा मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की औद्योगिक क्षमताओं, पारंपरिक शिल्प, ओडीओपी और जीआई टैग उत्पादों, कृषि एवं खाद्य उत्पादों, निवेश अवसरों और पर्यटन संभावनाओं को साझा मंच पर प्रस्तुत किया जायेगा। आगे उन्होंने कहा बरेका में विक्रमोत्सव महानाट्य मंचन 3 अप्रैल से शुरू होगा।
Varanasi: विकास की गति में तेजी
आपको बता दें कि बैठक (Varanasi) के बाद सीएम कैंटोमेंट स्थित एक होटल में एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन की अध्यक्षता करने पहुंचे। एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन में उत्पादन, बाजार और पहचान से जुड़े विभिन्न आयामों पर केंद्रित संवाद स्थापित होगा। सम्मेलन स्थल पर प्रदर्शनी (Varanasi) में मध्य प्रदेश के ओडीओपी उत्पाद, जीआई टैग हस्तशिल्प, पारंपरिक वस्त्र, औद्योगिक क्षमताएं और पर्यटन संभावनाएं प्रदर्शित की जाएंगी। इस सम्मलेन से विकास की गति में तेजी लायी जाएगी।
यह प्रदर्शनी राज्य की आर्थिक और सांस्कृतिक विविधता को एक ही मंच पर पेश करते हुए निवेशकों और प्रतिभागियों को प्रत्यक्ष रूप से जोड़ने का कार्य करेगी। सम्मेलन के मुख्य सत्र में निवेश, औद्योगिक सहयोग और ओडीओपी आधारित अर्थव्यवस्था पर केंद्रित चर्चा होगी।

