Varanasi: हजारों निवेशकों की गाढ़ी कमाई हड़पने वाली चर्चित रियल एस्टेट कंपनी शाइन सिटी एक बार फिर सुर्खियों में है। वाराणसी की अदालत के आदेश पर कंपनी के सीएमडी राशिद नसीम समेत पांच लोगों के खिलाफ 26 लाख रुपये की ठगी का मुकदमा दर्ज हुआ है। यह मामला अवलेशपुर निवासी रमन सिंह की याचिका पर दर्ज हुआ, जिन्होंने आरोप लगाया कि 2017 से 2020 तक उन्हें प्लॉट दिलाने के नाम पर भारी निवेश कराया गया, लेकिन न जमीन मिली और न ही रकम वापस हुई।
Varanasi: आईपीसी की धारा 420 और 406 में केस दर्ज
रमन सिंह का कहना है कि कोरोना काल के बाद जब उन्होंने जमीन की हकीकत जाननी चाही तो पता चला कि जिन प्लॉट्स की बुकिंग कराई गई थी, वे अस्तित्व में ही नहीं थे। थाने में शिकायत करने पर मामला दर्ज नहीं हुआ, जिसके बाद उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। अदालत में बुकिंग रसीदें बतौर साक्ष्य पेश की गईं और कोर्ट ने कैंट थाने को मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया। पुलिस ने राशिद नसीम, उसके भाई आसिफ नसीम, एनुल रशीद, संजय सिंह और संतोष सिंह के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 और 406 में केस दर्ज किया है।
शाइन सिटी (Varanasi) का नाम पहले से ही अरबों के फ्रॉड में जुड़ा हुआ है। प्रयागराज निवासी राशिद और उसका भाई आसिफ नसीम करीब 36 कंपनियों के निदेशक हैं। प्लॉट, मकान, हीरा, क्रिप्टो करेंसी और रुपये दोगुना करने का लालच देकर उन्होंने हजारों लोगों को ठगा। कंपनी के खिलाफ उत्तर प्रदेश में ही 580 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें से 110 से ज्यादा वाराणसी में हैं।
प्रयागराज में 29.11 करोड़ की संपत्ति जब्त
प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी इस मामले में सक्रिय है। शाइन सिटी पर करीब 60 हजार करोड़ रुपये हड़पने का आरोप है। ईडी (Varanasi) ने राशिद नसीम पर भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम 2018 के तहत केस दर्ज किया है, जो प्रदेश में इस कानून के तहत दर्ज होने वाला पहला मामला है। अब तक 189.39 करोड़ की संपत्ति जब्त की जा चुकी है। हाल ही में प्रयागराज में 29.11 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई, जो निवेशकों से ठगे गए पैसों से खरीदी गई थी।
राशिद नसीम को 2019 में नेपाल से गिरफ्तार किया गया था, लेकिन जमानत मिलने के बाद वह दुबई भाग गया। वहीं उसका भाई आसिफ नसीम 2021 में प्रयागराज से STF के हत्थे चढ़ा था, जिस पर पांच लाख का इनाम घोषित था। वर्तमान में राशिद दुबई से नेटवर्क चला रहा है और जॉर्जिया की नागरिकता लेने की कोशिश में है। ईओडब्ल्यू (Varanasi) ने उसके प्रत्यर्पण के लिए UAE को आवश्यक दस्तावेज भेज दिए हैं।

