Varanasi News: वाराणसी में गंगा घाट पर एक दर्दनाक हादसा हो गया। सूजाबाद क्षेत्र में चार किशोर गंगा में नहाने उतरे, लेकिन तेज धार और गहराई के कारण वे बहने लगे। तीन को तो स्थानीय नाविकों ने बहादुरी से बचा लिया, वहीं 15 वर्षीय साहिल गुप्ता अब भी लापता है। रातभर चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिला है।
मिली जानकारी के अनुसार, सूजाबाद निवासी विजय गुप्ता का बेटा साहिल मंगलवार की दोपहर अपने दोस्तों सुंदर, आयुष्मान और पवन के साथ पढ़ाई के बहाने घर से निकला था। मां ने जाते वक्त कहा, “खाना खाकर जाना बेटा,” जिस पर साहिल मुस्कराते हुए बोला, “जल्दी लौट आऊंगा मां।” लेकिन वह लौटकर नहीं आया।
Varanasi News: बुजुर्ग मांझी ने तीन की बचाई जान
चारों दोस्त गंगा किनारे पहुंचे और नहाने लगे। तभी वहां मौजूद एक बुजुर्ग नाविक नारायण मांझी ने उन्हें वहां ना नहाने की चेतावनी भी दी लेकिन लड़कों (Varanasi News) ने उनकी बात को हंसी में लेते हुए कहा कि अपना काम करो बाबा। इसके कुछ ही मिनट बाद युवकों की बचाओ-बचाओं की चीख-पुकार सुनाई देने लगी।
नारायण मांझी ने बिना देर किए नाव से छलांग लगाई और एक साथ तीन बच्चों को बाहर खींच लाने में सफल हुए। मगर चौथा लड़का उनके हाथ से फिसल गया और तेज धारा में बह गया।
इस घटना की जानकारी तत्काल सूजाबाद चौकी पुलिस ने कंट्रोल रूम को जानकारी दी। मौके पर NDRF की टीम (Varanasi News) पहुंची और तलाशी अभियान शुरू किया। देर रात तक खोजबीन चलती रही, लेकिन साहिल का कोई पता नहीं चला। बुधवार सुबह से एक बार फिर टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया है। लेकिन साहिल का अब तक कुछ पता नहीं चल पाया है।
घटना (Varanasi News) की जानकारी मिलते ही पूरे इलाके में सन्नाटा फैल गया। पार्षद प्रतिनिधि शिवराज पटेल ने बताया कि चारों बच्चे शाम करीब चार बजे घाट पर पहुंचे थे। बुजुर्ग नारायण मांझी की सूझबूझ से तीन की जान बच गई, लेकिन साहिल को पानी की गहराई में चला गया।

