Varanasi News: सिगरा थाना क्षेत्र में पुलिस और जहरखुरान गिरोह के बीच शनिवार की देर रात हुई मुठभेड़ में एक बदमाश गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसका साथी भागने के प्रयास में दबोच लिया गया। दोनों बदमाशों के पास से तमंचा, जिंदा कारतूस, टप्पेबाजी में लूटी गई सोने की ज्वैलरी और कमरबंद जैसे गहने बरामद हुए हैं।
घटना लहरतारा रेलवे ओवरब्रिज के नीचे हुई, जहां देर रात गोलियों की तड़तड़ाहट से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने घायल बदमाश आसिफ को अस्पताल में भर्ती कराया है, जबकि उसके साथी जीशान को गिरफ्तार कर लिया गया।
दोनों आरोपी बिजनौर जिले के रहने वाले हैं और बीते कई महीनों से वाराणसी में सक्रिय थे। ये दोनों ऑटो चलाने की आड़ में पर्यटकों और महिलाओं को झांसे में लेकर लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देते थे। पुलिस के अनुसार, ये बदमाश कैंट स्टेशन और जंक्शन के आसपास सक्रिय थे, जहां वे जहरखुरानी कर यात्रियों के आभूषण और कीमती सामान पर हाथ साफ करते थे।
Varanasi News: ऐसे पकड़े गए बदमाश
इन जहरखुरानों ने बनारस रेलवे स्टेशन (Varanasi News) से एक महिला को अपने ऑटो में बैठाया और वाराणसी जंक्शन पहुंचते ही उसके गहने उड़ा लिए। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने जब सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो दोनों के हुलिए स्पष्ट हो गए।
इसके बाद सिगरा थाने और रोडवेज चौकी की पुलिस टीमों ने शनिवार रात इलाके में सघन चेकिंग अभियान शुरू किया। रात करीब 10 बजे जब दोनों बदमाश लहरतारा से सिगरा की ओर ऑटो में जा रहे थे, तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की। इस दौरान उन्होंने घेराबंदी तोड़ दी और पुलिस पर फायरिंग कर दी।
जवाबी कार्रवाई में पुलिस (Varanasi News) की गोली आसिफ के पैर में लगी, जिससे वह घायल होकर गिर पड़ा। वहीं, उसका साथी जीशान मौके से भागने लगा, लेकिन पुलिस ने पीछा कर उसे पकड़ लिया।
कई मामलों में वांछित थे दोनों
एसीपी चेतगंज डॉ. ईशान सोनी ने बताया कि दोनों बदमाशों के खिलाफ वाराणसी और आसपास के थानों में जहरखुरानी, टप्पेबाजी, गोकशी और गैंगस्टर एक्ट के तहत कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने फॉरेंसिक टीम (Varanasi News) को बुलाकर मौके से सभी साक्ष्य एकत्र किए हैं। दोनों के नेटवर्क और वाराणसी में सक्रिय अन्य साथियों की भी तलाश की जा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इन अपराधियों का तरीका बेहद चालाकी भरा था। ये ऑटो में सवारी के बहाने महिलाओं और बाहरी यात्रियों को अपने जाल में फंसाते थे, फिर नशीला पदार्थ देकर उनका सामान गायब कर देते थे।

