Varanasi Nomination: हाथों में तिरंगा झंडा, सर पर भगवारंग की गमझा बांधे, घोड़े पर सवार ये जो शख्स आप देख रहे हैं ये कोई और नहीं बल्कि ये प्रत्याशी है जो पीएम मोदी के खिलाफ वाराणसी से चुनाव लड़ने के लिए नामांकन करने आया है। इनका मानना है कि महंगाई और बढ़ते पेट्रोल के कीमत को देखते हुए मैं 2 फुट की जगह लेकर बाकायदा चुनाव आयोग की परमिशन के साथ नामांकन करने आया हूं।

Varanasi Nomination: प्रत्याशी अजमा रहे अनोखे तरीके
दरसल, चुनाव की बढ़ती सरगर्मी के बीच जनता का रुख अपनी ओर मोड़ने के लिए लोग अलग-अलग पैंतरे अपना रहे हैं। आज शुक्रवार को लोकसभा चुनाव को लेकर वाराणसी में नामांकन [Varanasi Nomination] का चौथा दिन है। सुबह से प्रत्याशियों का जमावड़ा कलेक्ट्रेट परिसर पर नजर आ रहा है। ऐसे में कोई साइकिल से तो कोई पैदल, कोई 25 हजार रूपये के सिक्के लिए तो कोई घोड़े पर सवार होकर नमनाकं स्थल नामांकन करने के लिए पहुंच रहा है।
इसी बीच घोड़े से नामांकन करने पहुंचे निर्दल प्रत्याशी विनोद यादव ने सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित कर लिया। चंदौली से नामांकन करने काशी पहुंचे इस निर्दल प्रत्याशी [Varanasi Nomination] ने अनोखे तरीके से कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश किया। हालांकि पहले वह बुलडोजर से आने वाले थे लेकिन परमिशन ना मिलने की वजह से और पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को देखते हुए उन्होंने घोड़े से आने का निश्चय किया।

इस मौके पर उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि इससे पहले मैं 12 चुनाव लड़ चुका हूं और ये मेरा 13वां चुनाव है। बह्दते पेट्रोल के कीमत और महंगाई को देखते हुए मैं घोड़े से आया हूं। उन्होंने आगे कहा कि चुनाव आयोग द्वारा बुलडोजर का परमिशन ना मिलने के कारण मैं आज घोड़े से नामांकन करने आया हूं। इस चुनाव में मेरा मुद्दा बेरोजगारी, 15 साल की लड़कियों की सिक्षा निःशुल्क और नकली दवाई बंद करवाना है।

उन्होंने यह भी कहा कि बनारस जो कि पीएम मोदी का संसदीय क्षेत्र है यहाँ पानी बहुत किल्लत है और यदि केंद्र या उत्तरप्रदेश सरकार के पास पैसा नहीं तो मैं अपना घर-मकान बेचकर हर चौराहे पर वाटरप्रूफ फ्रिज लगाने का कार्य करूंगा।
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