Varanasi: मुगलकालीन दौर में वर्ष 1883 में निर्मित रोहनिया थाना बुधवार को इतिहास बन गया, जब पीडब्ल्यूडी विभाग ने इसे ध्वस्त करना शुरू कर दिया। करीब 142 वर्षों से पुलिस व्यवस्था का केंद्र रही यह इमारत अब जर्जर हो चुकी थी। बैरकों से लेकर बंदी गृह तक कई हिस्सों में दरारें पड़ चुकी थीं, जबकि बरसात में छत से पानी टपकना आम हो गया था। स्थिति बिगड़ने के बाद पुराने थाने को मालखाना के रूप में उपयोग में लाया जा रहा था।

Varanasi: थाने का ढांचा गिराने की प्रक्रिया शुरू
मोहनसराय–लहरतारा सिक्स लेन चौड़ीकरण परियोजना (Varanasi) को गति देने के लिए पीडब्ल्यूडी ने बुधवार को थाने का ढांचा गिराने की प्रक्रिया शुरू की। हालांकि ऐतिहासिक महत्व को ध्यान में रखते हुए थाने का मुख्य द्वार फिलहाल सुरक्षित रखा गया है।

अधिकारियों के मुताबिक रोहनिया थाना (Varanasi) परिसर को अब पूरी तरह से नए सिरे से आधुनिक स्वरूप में विकसित किया जाएगा। नई बिल्डिंग अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगी, जिससे इलाके की कानून-व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी।

