Varanasi: मिर्जामुराद पुलिस ने एक लुटेरी दुल्हन और उसके तीन साथियों को गिरफ्तार कर नकली शादी का बड़ा खुलासा किया है। गाजीपुर में हुई इस फर्जी शादी का सौदा 1.80 लाख रुपए में तय हुआ था। राजस्थान लौटते वक्त वाराणसी के रखौना स्थित ढाबे पर दुल्हन ने अपहरण का नाटक रचकर शोर मचाया, जिसके बाद पूरा खेल सामने आया।
1.80 लाख में हुई थी सौदेबाजी
राजस्थान के अलवर जिले के राजगढ़ के रहने वाले भानु जागा ने पुलिस को बताया कि उसके भाई गिरीश की शादी कराने के नाम पर गाजीपुर के युसुफपुर निवासी नंदलाल ने उनसे सौदा किया। नंदलाल ने शादी (varanasi) कराने का वादा कर कुछ दिन बाद 1.80 लाख रुपए नकद देने की बात कही।
भानु जागा का कहना है कि परिवार समेत वे लोग गाजीपुर के जमानिया पहुंचे, जहां होटल में नंदलाल अपने साथ किरन नाम की महिला (varanasi) को लाया। पैसे देने की बात होने पर उन्होंने किरन को 1.80 लाख रुपए कैश थमा दिए।
Varanasi: पूजा बनी नकली दुल्हन
पैसा मिलने के बाद नंदलाल ने एक और महिला, पूजा, को दुल्हन बनाकर पेश किया। जब उससे शादीशुदा (varanasi) होने के बारे में पूछा गया तो उसने इनकार किया। इसके बाद 14 अगस्त को होटल में विधि-विधान से गिरीश और पूजा की शादी कराई गई।
ढाबे पर मचाया अपहरण का हंगामा
शादी के बाद परिवार पूजा को लेकर राजस्थान रवाना हुआ, लेकिन रास्ते में मिर्जामुराद के रखौना ढाबे पर पूजा ने अचानक पेट दर्द का बहाना बनाकर गाड़ी रुकवाई और फिर अपहरण का आरोप लगाकर हंगामा करने लगी। इस बीच किरन, नंदलाल और निशा नाम की महिला भी वहां पहुंच गईं। हकीकत जानने के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस को बुला लिया।
मिर्जामुराद इंस्पेक्टर (varanasi) प्रमोद कुमार पांडेय ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर नंदलाल, पूजा, किरन और निशा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 316(2) और 318(2) में मुकदमा दर्ज किया गया है। इनमें क्रमशः पांच साल और तीन साल की सजा का प्रावधान है। फिलहाल सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है। मामले की विवेचना जारी है।