Varanasi: शहर के कई क्षेत्रों में सीवर ओवरफ्लो की समस्या लगातार बनी हुई है। जिम्मेदारी जल निगम और जलकल विभाग की है, लेकिन सबसे बड़ी दिक्कत है – सड़कों के नीचे दब चुके सीवर के ढक्कन। सड़क निर्माण के दौरान कई मैनहोल पूरी तरह ढक गए हैं, जिससे सफाई कार्य बाधित हो रहा है। अब इन्हें खोजने के लिए चुंबक का सहारा लिया जा रहा है।
Varanasi: तेजी से किया जा रहा इस तकनीक का इस्तेमाल
जल निगम के अधिशासी अभियंता के मुताबिक, जिन स्थानों पर मैनहोल के ढक्कन नजर नहीं आते, वहां शक्तिशाली चुंबक से लोहे की मौजूदगी का पता लगाया जाता है। लोकेशन मिलने पर खोदाई कर ढक्कन खोला जाता है और सफाई की जाती है। हाल ही में गोदौलिया क्षेत्र में इस तकनीक का इस्तेमाल किया गया।
जलकल सचिव राम औतार ने बताया कि पीडब्ल्यूडी को पत्र भेजकर सड़क निर्माण के समय चैंबर न ढकने का निर्देश दिया गया है। हाल में कैंट से लंका और चांदपुर से रथयात्रा मार्ग तक चुंबक से ढक्कन खोजे गए। वाराणसी (Varanasi) के भेलूपुर, गुरूबाग, बेनियाबाग, सिगरा, महमूरगंज और नई सड़क जैसे पॉश इलाकों में भी यह समस्या देखी जा रही है। ढक्कन दब जाने से चैंबरों के आसपास की सड़कें खराब होने लगी हैं।
इस काम में सामान्य से अधिक शक्तिशाली चुंबक का उपयोग किया जा रहा है, जो सड़क की सतह से दो फीट नीचे तक दबे लोहे के ढक्कन को खोज सकता है, जिससे आसानी से उनकी पहचान और सफाई संभव हो जाती है।


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