Varanasi: शहर की गलियों में शुक्रवार सुबह अचानक हलचल बढ़ गई। सोनभद्र पुलिस की विशेष टीम ने कफ सिरप के मास्टमाइंड शुभम जायसवाल के पिता भोला जायसवाल की करोड़ों की संपत्ति पर जब्तिकरण की कार्रवाई की। यह कदम न सिर्फ एक बड़े अवैध कारोबार के खिलाफ निर्णायक प्रहार माना जा रहा है, बल्कि यह संदेश भी है कि कानून की पकड़ से कोई बच नहीं सकता।

सोनभद्र CO सिटी रणधीर मिश्रा ने बताया कि रॉबर्ट्सगंज पुलिस की विवेचना के आधार पर कोर्ट ने भोला जायसवाल की संपत्ति सीज करने का आदेश दिया था। कार्रवाई में महमूरगंज, बादशाहबाग और जगतगंज स्थित (Varanasi) प्रॉपर्टी को सीज किया गया। कुल मिलाकर लगभग 28 करोड़ 50 लाख की संपत्ति पर ताला जड़ दिया गया।

महमूरगंज कॉम्प्लेक्स पर सील
पुलिस टीम सबसे पहले भोला जायसवाल के महमूरगंज कॉम्प्लेक्स पहुंची। यहां 23 करोड़ की कीमत वाले शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को सीज किया गया। यह कॉम्प्लेक्स (Varanasi) लंबे समय से चर्चाओं में था और अब कानून की गिरफ्त में आ गया।

Varanasi: बादशाहबाग का घर भी सीज
इसके बाद टीम बादशाहबाग स्थित घर पहुंची। घर पहले से ही खाली था और ताला लटक रहा था। पुलिस ने इस घर को भी सीज कर दिया। इसकी कीमत लगभग 2 करोड़ बताई जा रही है।


जगतगंज का कॉम्प्लेक्स
इसके बाद अंत में पुलिस टीम जगतगंज के कामर्शियल कॉम्प्लेक्स पहुंची। यहां भी करीब साढ़े 3 करोड़ की संपत्ति को सीज किया गया। इस तरह तीन अलग-अलग जगहों पर कार्रवाई कर भोला जायसवाल की संपत्ति पर कानून का शिकंजा कस दिया गया।

नेटवर्क का खुलासा
कफ सिरप मामले (Varanasi) की शुरुआत सोनभद्र से हुई थी। 18 अक्टूबर को दीपावली के दौरान वाहनों की चेकिंग में एक ट्रक पकड़ा गया। नमकीन से भरे ट्रक में 1.19 लाख शीशियां कोडीन युक्त कफ सिरप की मिलीं। कीमत थी 3.5 करोड़। इसी से इस नेटवर्क का पर्दाफाश हुआ।

गिरफ्तारियां और पूछताछ
ट्रक ड्राइवरों और ट्रांसपोर्टर को जेल भेजा गया। बाद में पूछताछ में पता चला कि सिरप गाजियाबाद से लोड हुआ था। मेरठ से सौरभ त्यागी पकड़ा गया। पूछताछ में वसीम और आसिफ के नाम सामने आए। आगे की जांच में रांची और गाजियाबाद से कई ट्रक जब्त हुए।

इसी पूछताछ में पहली बार शुभम जायसवाल का नाम सामने आया। दुबई में छिपे वसीम और आसिफ (Varanasi) के साथ उसका नेटवर्क जुड़ा हुआ पाया गया। आरोप है कि शुभम के जरिए कोडीन युक्त सिरप बांग्लादेश तक पहुंचाया जाता था।

आरोपों की लंबी फेहरिस्त
अंतरराज्यीय गिरोह के सरगना शुभम जायसवाल और उसके पिता भोला जायसवाल सहित 28 दवा कारोबारियों (Varanasi) पर मुकदमा दर्ज हुआ। आरोप है कि 100 करोड़ की 89 लाख शीशियां खरीदी-बेची गईं। 93 मेडिकल स्टोर के नाम पर कारोबार दिखाया गया, जिनमें से अधिकांश मौके पर नहीं मिले।
जांच में सामने आया कि 9 बंद फर्मों को कफ सिरप बेचा गया। इनमें सृष्टि फार्मा, जीटी इंटरप्राइजेज, शिवम फार्मा, हर्ष फार्मा, डीएसए फार्मा, महाकाल मेडिकल स्टोर, निशांत फार्मा, वीपीएम मेडिकल एजेंसी और श्री बालाजी मेडिकल शामिल हैं। ये फर्में सिर्फ प्रतिबंधित सिरप की खरीद-बिक्री के लिए बनाई गई थीं।

