Varanasi: साइबर ठगों और भूमि माफियाओं ने मिलकर ठगी की तीन बड़ी वारदातों को अंजाम दिया है। सिगरा, रोहनिया और लंका थानों में पीड़ितों की तहरीरों के आधार पर अलग-अलग मुकदमे दर्ज हुए हैं। कुल मिलाकर 51 लाख रुपये से अधिक की धोखाधड़ी सामने आई है।
22 लाख की ऑनलाइन गेमिंग ठगी
सिगरा थाना क्षेत्र में रहने वाले व्यापारी सूर्यकांत साहू को ‘24 कैरेट गेम’ नामक ऐप में निवेश का झांसा देकर साइबर जालसाजों ने 22 लाख रुपये की चपत लगा दी। आजमगढ़ के लालगंज के मूल निवासी सूर्यकांत ने बताया कि धीरे-धीरे उन्हें अधिक मुनाफे का लालच देकर कई किश्तों में निवेश कराते गए।
कुछ समय बाद जब उन्होंने अपने पैसे और लाभ की मांग की, तब पता चला कि प्लेटफॉर्म फर्जी था। उन्होंने 24 अक्टूबर को नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज की। सिगरा पुलिस ने विशेषज्ञों की मदद से मामले की जांच शुरू कर दी है।
Varanasi: मोबाइल पर संदेश आया और खाते से उड़ गए 75 हजार
रोहनिया (Varanasi) के दफ्फलपुर निवासी अरविंद सिंह के साथ अजीबोगरीब ठगी की वारदात हुई। उनके एचडीएफसी बैंक खाते में उनकी जानकारी के बिना 75 हजार रुपये का लोन स्वीकृत किया गया और कुछ ही मिनटों में पूरा पैसा निकाल लिया गया।
अरविंद ने बैंक से शिकायत की, लेकिन बैंक रिपोर्ट में यह कहकर पीछा छुड़ाने लगा कि उनसे संपर्क नहीं हो पाया, जबकि उनका फोन चालू था। उन्होंने बैंक कर्मियों की मिलीभगत की भी आशंका जताई है। रोहनिया पुलिस ने FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जमीन के सौदे में 27 लाख की धोखाधड़ी
चौबेपुर पनिहरी (Varanasi) के रामरथी वर्मा ने लंका थाने में चार लोगों — कृपाशंकर श्रीवास्तव, रीता तिवारी, संतोष पांडेय और संजय राजभर — के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं।
पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने 3400 वर्ग फीट जमीन दिलाने का झांसा देकर जून 2024 में 27 लाख रुपये ले लिए। 25 लाख 20 हजार रुपये ऑनलाइन और 2 लाख रुपये नकद दिए गए। बाद में पता चला कि जिस जमीन का बैनामा किया गया था, वह पहले से ही किसी और के नाम दर्ज थी।

