Varanasi Weather: पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर अब मैदानी इलाकों में साफ नजर आने लगा है। काशी में कड़ाके की ठंड और तीखी गलन ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बुधवार को दिन में हल्की धूप निकलने के बावजूद ठंड से राहत नहीं मिली, जबकि गुरुवार की सुबह घने कोहरे के साथ हुई। कोहरे के कारण दृश्यता बेहद कम हो गई और ठंड अपने चरम पर पहुंच गई।

भीषण ठण्ड से जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित
भीषण ठण्ड के चलते जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हो चुका है। लोगों के साथ साथ पशु-पक्षियों व जानवरों का भी हाल बेहाल है। गलन और ठिठुरन इतनी ज्यादा बढ़ चुकी है कि लोग अपने-अपने घरों से निकलने से बच रहे। जगह-जगह पर अलाव जल रहे और लोग घेरा बनाकर आग तापते नजर आ रहे हैं। काशी (Varanasi Weather) के रास्ते में कोहरा इतना ज्यादा है कि लोग एक दूसरे के वाहनों में जलने वाले लाइट का सहारा लेते आगे बढ़ रहे। वहीं कोह्र्रे के चलते कई सारो दुर्घटनाओं की भी खबर सामने आ रही है।

Varanasi Weather: तापमान में गिरावट दर्ज
मौसम विभाग के अनुसार बुधवार को वाराणसी (Varanasi Weather) का अधिकतम तापमान 16.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब 4.8 डिग्री अधिक रहा, जबकि न्यूनतम तापमान में गिरावट बनी रही। गुरुवार सुबह घना कोहरा छाने से विजिबिलिटी घटकर मात्र 50 मीटर रह गई। इसका असर सड़क और रेल यातायात पर भी देखने को मिला, जहां वाहन रेंगते नजर आए और लोगों को आवागमन में परेशानी हुई।

शहर में AQI 163 दर्ज किया गया
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव के चलते मौसम में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। पहाड़ी इलाकों से आ रही सर्द हवाओं के कारण रात और सुबह के समय ठंड ज्यादा महसूस की जा रही है। हवा की रफ्तार भी बेहद कम रही, जिससे गलन का असर और बढ़ गया।

इसी को देखते हुए मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों के लिए कोहरे को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। शहर (Varanasi Weather) का अधिकतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। वहीं, वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 163 दर्ज किया गया, जो संवेदनशील लोगों के लिए हानिकारक माना जा रहा है।

खेती पर भी ठण्ड का दिखा असर
ठंड और कोहरे का असर खेती पर भी दिखने लगा है। आलू और सरसों की फसलों पर खतरा मंडरा रहा है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है और बदलते मौसम (Varanasi Weather) में कीट व रोगों से बचाव के लिए आवश्यक उपाय अपनाने को कहा है।

बुगुर्गों व बच्चों को बरतनी होगी सावधानी
इस मौसम में खुद को गर्म रखना बेहद जरूरी है। ठंड के कारण अस्थमा, जोड़ों के दर्द और सर्दी-खांसी की शिकायतें बढ़ जाती हैं। बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। डॉक्टरों के अनुसार तुलसी, काढ़ा और हल्दी वाला दूध रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में सहायक होता है और सर्दी से बचाव करता है।


मौसम विशेषज्ञ के अनुसार, फिलहाल मौसम में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है। आगामी 11 जनवरी तक ठंड, कोहरा और गलन इसी तरह बने रहने के आसार हैं। अगले दो दिनों के पूर्वानुमान के मुताबिक 9 जनवरी को पूर्वी उत्तर प्रदेश में घना कोहरा छाया रह सकता है और कई इलाकों में विजिबिलिटी शून्य से 100 मीटर तक रहने की संभावना है। 10 जनवरी को पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में फिर से घने कोहरे के आसार हैं। इस दौरान बादल छाए रहने से तापमान में लगभग 2 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है।

