Varanasi: दालमंडी चौड़ीकरण अभियान के तेज होने और 13 भवनों के ध्वस्तीकरण के आदेश के विरोध में शुक्रवार को दालमंडी क्षेत्र की सभी दुकानें बंद रहीं। दुकानदारों ने एकजुट होकर बंदी का फैसला लिया। उनका आरोप है कि प्रशासन की ओर से एकतरफा कार्रवाई की जा रही है, जबकि मुआवजे और पुनर्व्यवस्था को लेकर स्पष्टता नहीं है। वहीं दालमंडी चौड़ीकरण को लेकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के लिए वाराणसी विकास प्राधिकरण (वीडीए) की ओर से शुक्रवार को मुनादी कराई गई।

इस दौरान लोगों को अपने मकानों को खाली करने के लिए कहा गया। मुनादी के दौरान पुलिस, वीडीए, पीडब्ल्यूडी, प्रशासन की टीम मौजूद रही। मुनादी कराकर लोगों से यह कहा गया कि जिन 13 भवनों पर तोड़फोड़ का नोटिस जारी हुआ है, उन्हें तुरंत खाली कर दिया जाए, ताकि ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुचारू रूप से की जा सके।

नई सड़क कपड़ा मंडी से लेकर चौक थाने (Varanasi) तक करीब 1500 दुकानें पूरी तरह बंद रहीं। इससे पूरे इलाके में सन्नाटा पसरा रहा। इससे पहले दालमंडी क्षेत्र में पीडब्ल्यूडी द्वारा 10 मकानों और वीडीए द्वारा एक मकान पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा चुकी है।
VDA की मुनादी के बाद बढ़ा विरोध
दालमंडी में चौड़ीकरण (Varanasi) का काम तेजी से चल रहा है। पीडब्ल्यूडी और वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) लगातार मुनादी कराकर मकानों को खाली कराने में जुटे हैं। VDA द्वारा 22 मकानों को खाली करने का नोटिस दिए जाने के बाद कार्रवाई और तेज हो गई, जिसके विरोध में दुकानदारों ने शुक्रवार को बाजार बंद रखा।

स्थानीय निवासी शकील अहमद ‘जादूगर’ का कहना है कि एक दिन पहले ही VDA की टीम ने 20 से 22 मकानों को खाली करने की मुनादी (Varanasi) कराई थी। इसी के विरोध में यह बंदी की गई है। दुकानदारों का कहना है कि बिना संतोषजनक मुआवजा और पुनर्वास के तोड़फोड़ से उनकी रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो गया है।

Varanasi: 22 मकानों को VDA ने किया चिन्हित
वहीं अधिकारियों ने बताया कि कुल 22 मकानों को चिन्हित किया गया है, जिन्हें खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। मकान खाली होने के बाद नियमानुसार ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।

शुक्रवार और जुमा को देखते हुए इलाके (Varanasi) में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। किसी भी तरह की अव्यवस्था से निपटने के लिए पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड पर है।

