वाराणसी (Varanasi) की ग्रामीण महिलाएं अब तकनीक की कमान संभालते हुए खेती के क्षेत्र में नया इतिहास रच रही हैं। ‘ड्रोन दीदी’ नाम से पहचान बना चुकी ये महिलाएं खेतों में ड्रोन के जरिए उर्वरक और कीटनाशकों का छिड़काव कर रही हैं। इससे न सिर्फ उनकी आमदनी में इज़ाफा हुआ है, बल्कि उन्हें सामाजिक पहचान और सम्मान भी प्राप्त हुआ है।
2581 एकड़ में 1134 लीटर उर्वरक
उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत प्रशिक्षित इन महिलाओं ने बीते 10 महीनों में करीब 3.38 लाख रुपये की कमाई की है। उन्होंने 2581 एकड़ भूमि पर 1134 लीटर उर्वरक और 487 लीटर कीटनाशक का छिड़काव कर किसानों को भी आर्थिक लाभ पहुंचाया है। वाराणसी (Varanasi) ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों से भी अब इनकी सेवाओं की मांग बढ़ रही है।

इन महिलाओं को तेलंगाना राज्य कृषि विश्वविद्यालय (Varanasi) की ड्रोन अकादमी से 10 दिन की विशेष ट्रेनिंग दिलाई गई थी। इसके अलावा तीन दिन की एडवांस फ्लाइंग ट्रेनिंग भी दी गई, जिससे ये कृषि कार्यों के लिए दक्षतापूर्वक ड्रोन का संचालन कर सकें।
Varanasi: 10 मिनट में छिड़काव संभव
ड्रोन दीदी योजना के तहत महिलाओं को 15 लाख रूपये मूल्य का ड्रोन और एक इलेक्ट्रिक ऑटो भी प्रदान किया गया है। ड्रोन की मदद से एक एकड़ खेत में महज 10 मिनट में छिड़काव संभव है, जिससे समय, श्रम और लागत—तीनों की बचत होती है।

काशी विद्यापीठ ब्लॉक (Varanasi) की ड्रोन दीदी नीतू सिंह ने बताया कि मोदी-योगी जी ने आर्थिक उड़ान दी है। इससे घर व गांव में हमारा सम्मान बढ़ा है। बच्चों की पढ़ाई और घर में आर्थिक सहयोग करने से सभी लोगों का नजरिया भी बदल गया है। आने वाले समय में कमाई के साथ जीवन स्तर में और सुधार होगा। डेमो देने के बाद किसान संतुष्ट हो रहे हैं और ड्रोन से छिड़काव भी करा रहे हैं।

हरहुआ ब्लाक की ड्रोन दीदी आशा का कहना रहा कि सरकार किसानों के साथ ही मातृ शक्ति (Varanasi) को भी आर्थिक शक्ति प्रदान कर रही है, जिससे गृहस्थी की गाड़ी रफ्तार पकड़ रही है। धान और गेहूं के समय अच्छी आय हुई थी। एक महीना पहले तरबूज के खेत में छिड़काव कर चुके हैं। किसान कम पैसे और कम समय में उर्वरकों और कीटनाशकों के छिड़काव से खुश हैं।