Varanasi: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (काशी हिंदू विश्वविद्यालय) के गैर-शैक्षणिक कर्मचारियों में प्रशासन की घोर उदासीनता और नीति, को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है। संस्थान के इतिहास में पिछले 8 से 14 वर्षों से अपनी जायज मांगों के लिए संघर्ष कर रहे कर्मचारियों को केवल खोखले आश्वासन ही हाथ लगे हैं।
पूर्व में फोरम द्वारा लगातार दिए गए मांग-पत्रों पर प्रशासन ने पूरी तरह चुप्पी साध रखी थी। (Varanasi) कर्मचारियों के हितों और उनके वितीय उन्नयन (Financial Upgradation) को लेकर प्रशासन को दिया गया 10 दिनों का अल्टीमेटम समाप्त होने के बाद भी कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया है।

प्रशासन के इसी तानाशाही और टालमटोल वाले रुख के विरोध में आज गैर-शैक्षणिक कर्मचारी अंतरिम फोरम के बैनर तले संस्थान के समस्त कर्मचारी अपने अधिकारों और हक के लिए (Varanasi) निदेशक कार्यालय के बाहर लोकतांत्रिक तरीके से अनिश्चितकालीन धरने और विरोध प्रदर्शन पर बैठ गए हैं।

Varanasi:संस्थान के कर्मचारियों की मुख्य मांगें हैं-
1. समस्त कर्मचारियों का अपग्रेडेशन – DOPT के नियमों के अनुसार संस्थान के सभी संवर्गों के कर्मचारियों के लिए नियत तिथि से वित्तीय उन्नयन (Financial Upgradation/Upgradation) का लाभ तत्काल लागू किया जाए।

2. लिखित परीक्षा की अनिवार्यता की समाप्ति– मिनिस्ट्रियल कर्मचारियों की पदोन्नति में लिखित परीक्षा की बाध्यता को तुरंत समाप्त किया जाए।
3. आवास निर्माण हेतु जगह का चिह्नीकरण-कर्मचारियों के लिए आवास की गंभीर समस्या के समाधान हेतु काशी हिंदू विश्वविद्यालय (Varanasi) प्रशासन से समन्वय बनाकर जल्द से जल्द जगह चिह्नित करवाई जाए और नए आवासों का निर्माण कार्य अविलंब शुरू किया जाए।
4. नए कर्मचारियों हेतु उच्च शिक्षा के लिए NOC- संस्थान में नियुक्त नए कर्मचारियों के लिए भी उच्च शिक्षा ग्रहण करने हेतु अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) की प्रक्रिया को बिना किसी भेदभाव के तत्काल बहाल और सरल किया जाए।

5. स्वायत्त निकाय (Autonomous Body) के नियमों का पालन-आई.आई.टी. (बी.एच.यू.) प्रशासन केंद्रीय Autonomous Body के अनुरूप कर्मचारी हित में निर्णय ले, न कि मामले को वित्त मंत्रालय में लंबित बताकर टाले।
6. दैनिक वेतन भोगी कर्मचारियों का भविष्य संस्थान में वर्षों से कार्यरत दैनिक वेतन भोगी (Varanasi) कर्मचारियों के सुरक्षित भविष्य के संबंध में नीति बनाई जाए।
7. समिति का गठन-सेवानिवृत्त एवं वर्तमान कर्मचारियों की स्थानीय समस्याओं के त्वरित समाधान हेतु संस्थान स्तर पर एक स्थायी समिति गठित की जाए।
8. अन्य लंबित मुद्दे-छात्र-कर्मचारी के निर्धारित अनुपात को बनाए रखना और कर्मचारियों के प्रशासनिक शोषण पर रोक लगाना।

चूंकि प्रशासन को दिया गया समय पूरा हो चुका है, इसलिए संस्थान का प्रत्येक (Varanasi) कर्मचारी अपने अधिकारों की रक्षा के लिए अब पीछे नहीं हटेगा। इस अनिश्चितकालीन आंदोलन के कारण उत्पन्न होने वाली किसी भी प्रशासनिक व शैक्षणिक व्यवधान की संपूर्ण जिम्मेदारी आई.आई.टी. (बी.एच.यू.) प्रशासन और कुलसचिव कार्यालय की होगी।
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मीडिया के माध्यम से माननीय निदेशक (Varanasi) महोदय से अनुरोध करते हैं कि वे स्वयं इस संवेदनशील मामले में तत्काल हस्तक्षेप करें और कर्मचारियों को उनका न्यायसंगत हक प्रदान करें।

