काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) स्थित बिड़ला ‘अ’ छात्रावास के बाहर शुक्रवार को सैकड़ों छात्रों ने हॉस्टल की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर जमकर नारेबाजी करते हुए धरना-प्रदर्शन किया। छात्रों ने हॉस्टल में साफ-सफाई, भोजन, शौचालय समेत अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति पर नाराजगी जताई। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय में दूर-दराज से बेहतर शिक्षा की उम्मीद लेकर आने वाले विद्यार्थियों को हॉस्टल में रहने के दौरान बुनियादी सुविधाओं के लिए भी परेशान होना पड़ रहा है।
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि BHU देश के प्रमुख विश्वविद्यालयों में शामिल है और यहां पढ़ने के लिए छात्र दूर-दूर से आते हैं। विश्वविद्यालय और उसके छात्रावासों की व्यवस्थाओं के बारे में उन्होंने काफी कुछ सुना था, लेकिन हॉस्टल पहुंचने के बाद उन्हें अपेक्षा के विपरीत समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों ने हॉस्टल की स्थिति पर नाराजगी जताते हुए इसकी तुलना पशु गृह से की, जबकि शौचालयों की बदहाली को लेकर उन्होंने उन्हें ट्रेन के डिब्बे जैसा बताया।

छात्रों का कहना है कि जब उनसे अन्य BHU छात्रावासों के समान फीस ली जा रही है तो उन्हें सुविधाएं भी समान मिलनी चाहिए। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सवाल उठाया कि यदि दूसरे हॉस्टलों में छात्रों को अपेक्षाकृत बेहतर व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं तो समान शुल्क देने के बावजूद उन्हें बदहाल हॉस्टल में रहने के लिए क्यों मजबूर किया जा रहा है।
कभी इस हॉस्टल तो कभी दूसरे हॉस्टल में भोजन करने की मजबूरी
छात्रों ने आरोप लगाया कि हॉस्टल में भोजन व्यवस्था भी सुचारु नहीं है। कई बार उन्हें भोजन के लिए दूसरे हॉस्टलों का रुख करना पड़ता है। छात्रों का कहना है कि वे कभी एक हॉस्टल में तो कभी दूसरे हॉस्टल में जाकर भोजन करने को मजबूर हैं। इससे उन्हें पढ़ाई के साथ-साथ रोजमर्रा की जिंदगी में भी काफी परेशानी उठानी पड़ रही है।

प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों से नियमित रूप से शुल्क लिया जाता है, लेकिन उसके अनुरूप सुविधाएं उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं। छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से मांग की कि हॉस्टल की वास्तविक स्थिति का निरीक्षण कराकर समस्याओं का तत्काल समाधान कराया जाए।
शिकायत करने पर छात्रों को हटाने का आरोप
BHU छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने हॉस्टल की समस्याओं को लेकर शिकायत करने का प्रयास किया तो उनकी समस्याओं को सुनने के बजाय उन्हें वहां से हटाने का प्रयास किया गया। छात्रों का दावा है कि शिकायत के दौरान उन्हें धक्का देकर भगाने की कोशिश की गई। इससे छात्रों में और नाराजगी बढ़ गई और उन्होंने सामूहिक रूप से धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया।

छात्रों का कहना है कि उनका प्रदर्शन किसी विवाद के लिए नहीं, बल्कि मूलभूत सुविधाओं और सम्मानजनक छात्रावास व्यवस्था की मांग को लेकर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक हॉस्टल की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
छात्रों से वार्ता करने पहुंचा BHU प्रशासन
धरना-प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत शुरू की। प्रशासन की ओर से छात्रों की समस्याओं को सुनने तथा स्थिति को समझने का प्रयास किया गया। मौके पर सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर BHU के सुरक्षा कर्मियों की भी बड़ी संख्या में तैनाती की गई।
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फिलहाल छात्रों और BHU प्रशासन के बीच वार्ता का दौर जारी है। छात्रों की मांग है कि केवल आश्वासन देने के बजाय हॉस्टल की समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। छात्रों ने कहा कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन को आगे भी जारी रखने के लिए बाध्य होंगे।
