Varanasi: पुत्र की प्राप्ति, संतान की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि एवं मंगल कामना को लेकर महिलाओं ने श्रद्धा और भक्ति के साथ माता ललरी छठ का व्रत रखा। इस अवसर पर रामकुंड स्थित रामेश्वर महादेव मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में महिलाओं ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया। महिलाओं ने दिनभर निर्जला व्रत रखकर माता ललरी छठ से संतान की प्राप्ति और परिवार के कल्याण की कामना की।

ललरी छठ के अवसर पर मंदिर परिसर में सुबह से ही महिलाओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। व्रती महिलाएं पारंपरिक पूजन सामग्री के साथ मंदिर (Varanasi) पहुंचीं और माता की आराधना की। श्रद्धालुओं ने पूजा के दौरान छह प्रकार के फल, महुआ, दही, खोआ और चावल आदि अर्पित किए। इसके बाद महिलाओं ने सामूहिक रूप से माता की छह कहानियां सुनीं और कथा श्रवण के बाद विधि-विधान से आरती की।
निर्जला व्रत रखकर की संतान के मंगल की कामना
ललरी छठ के व्रत को लेकर महिलाओं में विशेष आस्था देखने को मिली। व्रती महिलाओं ने पूरे दिन निर्जला रहकर माता की पूजा-अर्चना की। महिलाओं ने संतान की प्राप्ति, संतान के स्वास्थ्य, दीर्घायु और परिवार में सुख-शांति की कामना करते हुए माता से आशीर्वाद मांगा।

पूजन के दौरान महिलाओं ने एक-दूसरे के साथ पूजा की सामग्री साझा की और पारंपरिक तरीके से माता की कथा सुनी। छह कहानियों के श्रवण के बाद आरती में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। इस दौरान मंदिर परिसर (Varanasi) भक्तिमय वातावरण में डूबा रहा।
Varanasi: छह प्रकार के फल और पारंपरिक सामग्री से पूजन
माता ललरी छठ की पूजा में पारंपरिक सामग्री का विशेष महत्व रहा। व्रती महिलाओं ने छह प्रकार के फल के साथ महुआ, दही, खोआ और चावल चढ़ाकर माता (Varanasi) का पूजन किया। पूजा के दौरान महिलाओं ने अपनी मनोकामना के साथ माता के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित किया और परिवार के सुख-समृद्धि की प्रार्थना की।

मंदिर परिसर में महिलाओं ने सामूहिक रूप से आरती की। आरती के दौरान माता के जयकारे से पूरा परिसर गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने माता से परिवार में सुख-शांति और संतान के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
परंपरा और आस्था का दिखा संगम
ललरी छठ के अवसर पर रामकुंड स्थित रामेश्वर महादेव मंदिर परिसर में धार्मिक परंपरा और लोक आस्था का विशेष संगम देखने को मिला। महिलाओं (Varanasi) ने पूरी श्रद्धा के साथ व्रत और पूजन की परंपरा का निर्वहन किया। बुजुर्ग महिलाओं ने व्रत से जुड़ी मान्यताओं और कथा के बारे में अन्य महिलाओं को जानकारी दी।
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व्रती महिलाओं का कहना था कि माता ललरी छठ के प्रति उनकी गहरी आस्था है। इसी विश्वास के साथ वे निर्जला व्रत रखकर माता की पूजा करती हैं और संतान की प्राप्ति तथा परिवार की मंगल कामना करती हैं। पूजन और कथा के बाद महिलाओं ने आरती कर माता का आशीर्वाद लिया। पूरे आयोजन के दौरान रामकुंड क्षेत्र में भक्ति और आस्था का माहौल बना रहा।

