फरवरी 2026 से चल रहे US-Iran War में अब तक दोनों देशों को अरबों डॉलर का नुकसान झेलना पड़ा है। सितंबर के शुरुवात में ही अमेरिकी हमले में ईरान के दक्षिणी हिस्से का एक घर जहां शादी और खुशियों का माहौल देखते ही देखते वह मातम में बदल गया। मेहमान-रिश्तेदार सब जुटे हुए थे और शादी समारोह चल रहा था। तभी अचानक हुए अमेरिकी हमले ने पूरी स्थिति ही बदल दी। देखते ही देखते शादी का जश्न लोगों के चीख-पुकार और शोक में बदल गया। हॉर्मोज़गान प्रांत में हुए अमेरिकी हमले में चार लोगों की मौत हो गई है, जबकि घायलों संख्या करीब 50 बताई जा रही है। मृतकों में एक बच्चे के होने की भी ख़बर है।
कोहस्तक गांव में हुए हमले में 50 घायल
होर्मोजगान के उप-गवर्नर अहमद नफीसी ने इस हमले के बारे में बताते हुए कहा कि अमेरिका द्वारा सिरिक काउंटी के तटीय गांव कोहस्तक में हमला (US-Iran War) किया है। अमेरिका ने उस घर को निशाना बनाया, जहां शादी का समारोह आयोजित किया जा रहा था। अमेरिकी हमले से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और घायलों को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया।
ईरानी मीडिया के मुताबिक इस हमले में करीब 50 लोग घायल हुए हैं और चार लोगों की मौत हो गयी है, जिनमें एक बच्चा शामिल है। कुछ घायलों को इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है, जबकि गंभीर रूप से घायल (US-Iran War) लोगों को इलाज के लिए मिनाब अस्पताल भेजा गया है।
US-Iran War: ईरान ने अमेरिकी सैनिकों को बनाया था निशाना
अमेरिका ने ईरान पर किए हमलों (US-Iran War) को लेकर कहा है कि, तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में मालवाहक पोतों और इलाके में मौजूद अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने की कोशिश की थी। अमेरिका के अनुसार, इसी के जवाब में ही ईरान पर ये हमले किए गए हैं। दूसरी तरफ़ ईरान ने भी मिसाइल और ड्रोन हमलों के जरिए अमेरिकी ठिकानों जैसे जॉर्डन में बने ठिकानों को निशाना बनाया।
हालांकि, जॉर्डन ने दावा किया है कि उसने अपनी सीमा की तरफ़ दागी गई मिसाइलों को सफलता पूर्वक रोक दिया है। संयुक्त अरब अमीरात ने भी अपने जलक्षेत्र में ईरानी ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है। इस सभी घटनाक्रम से क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है।
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अब सवाल सिर्फ अमेरिका और ईरान के बीच जारी इस टकराव (US-Iran War) का नहीं है, बल्कि इसकी आंच कितनी दूर तक पहुंचती है, ये भी अहम है। हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ने से तेल की सप्लाई, अंतरराष्ट्रीय कारोबार और वैश्विक बाजारों पर सीधा प्रभाव पड़ रहा है। ऐसे में दुनिया की नजर अब इस बात पर है कि दोनों देशों के बीच बढ़ता तनाव बातचीत की मेज तक पहुंचता है या फिर संघर्ष का दायरा और बढ़ता है।

