Varanasi: गंगा और वरुणा के बढ़ते जलस्तर के बीच बाढ़ प्रभावित परिवारों की स्थिति और राहत शिविरों में मिल रही सुविधाओं का जायजा लेने के लिए जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने शुक्रवार को कई राहत शिविरों का तूफानी दौरा किया। उन्होंने हुकुलगंज से लेकर ढेलवरिया तक विभिन्न राहत शिविरों का निरीक्षण किया और वहां रह रहे बाढ़ प्रभावित परिवारों से सीधे बातचीत कर उनका कुशलक्षेम जाना।

डीएम को अपने बीच पाकर राहत शिविरों में रह रहे लोगों के चेहरों पर अपनापन और भरोसे का भाव नजर आया। जिलाधिकारी (Varanasi) ने लोगों से बातचीत कर भोजन, पानी, स्वास्थ्य सुविधा और अन्य व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली और उन्हें हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

पीड़ितों के बीच बैठकर सुनी समस्याएं
सरस्वती विद्या मंदिर, हुकुलगंज स्थित राहत शिविर में जिलाधिकारी लोगों के बीच बैठ गए और उनसे शिविर में उपलब्ध व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने प्रभावित परिवारों से पूछा कि उन्हें भोजन समय से मिल रहा है या नहीं और किसी तरह की परेशानी तो नहीं हो रही।

डीएम (Varanasi) के इस सहज व्यवहार से शिविर में रह रहे लोगों में संतोष नजर आया। लोगों ने भी अपनी जरूरतों और समस्याओं के बारे में उन्हें जानकारी दी।

Varanasi: बच्चों को दूध और फल देने के निर्देश
जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि राहत शिविरों में रह रहे लोगों को सुबह का नाश्ता और दोनों समय का भोजन हर हाल में समय से उपलब्ध कराया जाए।

उन्होंने विशेष रूप से बच्चों की जरूरतों (Varanasi) का ध्यान रखने को कहा। बच्चों को पर्याप्त दूध, फल और अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
24 घंटे मौजूद रहे मेडिकल टीम
दीप्ति कान्वेंट स्कूल, हुकुलगंज स्थित राहत शिविर के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी (Varanasi) ने वहां मौजूद मेडिकल टीम के डॉक्टर से बाढ़ प्रभावित लोगों को दी जा रही चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी ली।
उन्होंने निर्देश दिया कि राहत शिविर में 24 घंटे मेडिकल टीम की मौजूदगी सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी व्यक्ति को स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर तत्काल उपचार मिल सके।

डीएम (Varanasi) ने बच्चों के साथ-साथ बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं की विशेष देखभाल करने तथा उन्हें आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बच्चों से पूछा- खाना मिल रहा है?
तुलसी निकेतन, हुकुलगंज और प्राथमिक विद्यालय, ढेलवरिया स्थित राहत शिविरों (Varanasi) में भी जिलाधिकारी ने प्रभावित परिवारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बच्चों से भी सीधे बातचीत कर शिविर में मिल रही सुविधाओं के बारे में पूछा।

बच्चों से भोजन और अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी लेने के साथ ही जिलाधिकारी ने उन्हें चॉकलेट भी बांटी। डीएम को अपने बीच देखकर बच्चों के चेहरों पर भी खुशी नजर आई। इसके अलावा नवयुग विद्या मंदिर, ढेलवरिया स्थित राहत केंद्र का भी निरीक्षण कर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।

रसोई में पहुंचकर देखा बन रहा भोजन
राहत शिविरों (Varanasi) के निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने भोजन व्यवस्था को भी गंभीरता से देखा। वह शिविर की रसोई में पहुंचे और वहां तैयार किए जा रहे भोजन का निरीक्षण किया।

उन्होंने रसोइयों को निर्देश दिया कि भोजन साफ-सफाई और स्वच्छता के मानकों का ध्यान रखते हुए तैयार किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को भी भोजन की गुणवत्ता और समय पर वितरण की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए।

सुरक्षा, स्वास्थ्य और भोजन प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार (Varanasi) ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित परिवारों की सुरक्षा, स्वास्थ्य, भोजन और आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करना है।

उन्होंने कहा कि सभी संबंधित विभागों और अधिकारियों को राहत शिविरों में लगातार सक्रिय रहकर प्रभावित लोगों को हर संभव सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं।
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जिलाधिकारी (Varanasi) ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाढ़ प्रभावित लोगों की जरूरतों का लगातार आकलन किया जाए और जहां भी अतिरिक्त संसाधन या सुविधा की आवश्यकता हो, वहां तत्काल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

