Sonbhadra: संभागीय परिवहन अधिकारी प्रवर्तन वाराणसी मनोज कुमार वर्मा शनिवार को अचानक सोनभद्र परिवहन कार्यालय पहुंच गए। करीब 11 बजे बिना किसी पूर्व सूचना के आरटीओ प्रवर्तन की गाड़ी कार्यालय परिसर में पहुंचते ही कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। कार्यालय में पहुंचते ही उन्होंने मौजूद आवेदकों से रैंडम संवाद कर व्यवस्थाओं की हकीकत परखी और इसके बाद विभिन्न पटलों, रिकॉर्ड रूम, सीसीटीवी कैमरों तथा कर्मचारियों की कार्यप्रणाली का बारीकी से निरीक्षण किया।
आरटीओ प्रवर्तन ने कार्यालय में मौजूद कुछ व्यक्तियों से उनके कार्यालय आने का कारण पूछा। साथ ही उनके पास उपलब्ध आवेदन पत्र और पहचान पत्रों का अवलोकन किया गया, ताकि यह पुष्टि की जा सके कि कार्यालय (Sonbhadra) में मौजूद व्यक्ति स्वयं आवेदक हैं अथवा कोई अनधिकृत व्यक्ति। पूछताछ में सभी व्यक्ति वास्तविक आवेदक पाए गए। आरटीओ ने आवेदकों से यह भी पूछा कि किसी कर्मचारी अथवा अन्य व्यक्ति द्वारा निर्धारित शुल्क के अतिरिक्त किसी प्रकार की धनराशि की मांग तो नहीं की गई।
कार्मिकों के कामकाज का किया निरीक्षण
इस पर सभी आवेदकों ने अतिरिक्त धनराशि की मांग किए जाने से इनकार किया। इसके बाद उन्होंने कार्यालय परिसर में विभिन्न पटलों पर कार्य कर रहे कार्मिकों के कामकाज का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान किसी भी पटल पर कार्य का विवरण अंकित नहीं पाए जाने पर आरटीओ प्रवर्तन ने नाराजगी जताई।

उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक पटल पर किए जा रहे कार्यों का विवरण व्यवस्थित रूप से दर्ज किया जाए, जिससे कार्यालय (Sonbhadra) की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे और कार्यों की निगरानी आसानी से की जा सके। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में उपस्थित सभी सरकारी कार्मिक आईडी कार्ड धारण किए हुए मिले। इसके बाद कार्यालय परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों का भी परीक्षण किया गया।
तत्काल वीडिंग की कार्रवाई कराने के निर्देश
इस दौरान एक-दो कैमरे काम नहीं करते पाए गए। आरटीओ प्रवर्तन ने खराब कैमरों को तत्काल दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। साथ ही कार्यालय परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा।आरटीओ प्रवर्तन ने कार्यालय के समस्त रिकॉर्ड रूमों का भी निरीक्षण किया।
रिकॉर्ड की अत्यधिक मात्रा और कार्यालय में स्थान की कमी को देखते हुए उन्होंने मुख्यालय (Sonbhadra) द्वारा जारी परिपत्र के अनुसार तत्काल वीडिंग की कार्रवाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन अभिलेखों की वीडिंग नहीं की जा सकती, उनकी स्कैनिंग कराए जाने के संबंध में मुख्यालय को प्रस्ताव भेजा जाए, ताकि रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने के साथ कार्यालय में अनावश्यक स्थान भी न घिरे।
निरीक्षण के दौरान उपस्थिति पंजिका रजिस्टर का भी अवलोकन किया गया। इसके साथ ही लाइसेंस कार्य के लिए तैनात निजी कर्मचारियों की व्यवस्था भी जांची गई। निजी कर्मचारियों के पास परिचय पत्र, वर्दी और कार्य रजिस्टर उपलब्ध नहीं होने पर आरटीओ प्रवर्तन ने नाराजगी जताई। इस पर एआरटीओ प्रशासन कौशल कुमार सिंह ने बताया कि संबंधित कंपनी की ओर से कर्मचारियों को आईडी कार्ड जारी नहीं किया गया है।
Sonbhadra: निजी कर्मचारियों को आईडी कार्ड उपलब्ध कराने के दिए निर्देश
इस पर आरटीओ प्रवर्तन ने संबंधित कंपनी को सभी निजी कर्मचारियों को आईडी कार्ड उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित करने को कहा। साथ ही स्पष्ट किया कि कार्यालय (Sonbhadra) में कार्यरत सभी निजी कर्मचारी ड्यूटी के दौरान अपना परिचय पत्र अनिवार्य रूप से धारण करें। उन्होंने कार्यालय की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता, अनुशासन और बेहतर व्यवस्था बनाए रखने के साथ ही आवेदकों को किसी प्रकार की असुविधा न होने देने के निर्देश दिए।
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औचक निरीक्षण के दौरान आरटीओ प्रवर्तन द्वारा एक-एक व्यवस्था की जांच किए जाने से कार्यालय कर्मचारियों में पूरे समय हलचल बनी रही। निरीक्षण (Sonbhadra) के बाद अधिकारियों को कार्यालय की व्यवस्थाओं में आवश्यक सुधार तत्काल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इस दौरान पीटीओ मनोज कुमार गुप्ता समेत अन्य स्टॉफ मौजूद रहे।

