Varanasi: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और सामाजिक न्याय के प्रखर नेता बाबू जगदेव प्रसाद के शहादत दिवस के अवसर पर शनिवार को वाराणसी के चांदमारी, बड़ा लालपुर स्थित दीन दयाल हस्तकला संकुल में महात्मा फूले फाउंडेशन के तत्वावधान में गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जनपद सहित पूर्वांचल के विभिन्न क्षेत्रों से जन अधिकार पार्टी के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और महात्मा फूले फाउंडेशन से जुड़े लोगों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद के जौनपुर एवं जन अधिकार पार्टी के संस्थापक बाबू सिंह कुशवाहा रहे। गोष्ठी (Varanasi) में शोषित, वंचित और जरूरतमंद वर्गों के अधिकारों तथा संविधान के मूल्यों को जन-जन तक पहुंचाने पर चर्चा की गई।

‘संविधान को पढ़ने और समझने की जरूरत’
इस दौरान मुख्य अतिथि बाबू सिंह कुशवाहा ने कहा कि 5 सितंबर 1974 को पुलिस की गोली लगने से जगदेव प्रसाद शहीद हुए थे। उनकी शहादत ने बिहार ही नहीं, बल्कि पूरे देश की राजनीति की दिशा को प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि जगदेव प्रसाद ने अपने क्रांतिकारी विचारों के माध्यम से पिछड़ों, दलितों, आदिवासियों, अल्पसंख्यकों, शोषितों और वंचितों की आवाज को मजबूती दी।

उन्होंने कहा कि जगदेव प्रसाद को उनके विचारों और संघर्ष के कारण ‘बिहार लेनिन’ के नाम से जाना गया। उन्होंने भारतीय संविधान की भावना को समझा और लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया।

बाबू सिंह कुशवाहा ने कहा कि आज नई पीढ़ी के लिए भारतीय संविधान को पढ़ना और समझना बेहद जरूरी है। संविधान की मूल भावना को समझने से ही समाज में समानता, हिस्सेदारी और भागीदारी सुनिश्चित की जा सकती है।

Varanasi: जगदेव प्रसाद के नारों को आगे बढ़ाने का आह्वान
उन्होंने जगदेव प्रसाद के प्रसिद्ध नारे का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके विचार आज भी सामाजिक न्याय की लड़ाई में प्रेरणा देते हैं- “सौ में नब्बे शोषित हैं, शोषितों ने ललकारा है। धन-धरती और राजपाट में नब्बे भाग हमारा है। वोट हमारा, राज तुम्हारा—नहीं चलेगा, नहीं चलेगा।” उन्होंने कहा कि जगदेव प्रसाद के विचारों और सामाजिक न्याय के संदेश को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की जरूरत है।

पदाधिकारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने रखे विचार
शहादत दिवस पर आयोजित गोष्ठी (Varanasi) को महात्मा फूले फाउंडेशन, जन अधिकार पार्टी के पदाधिकारियों और विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने जगदेव प्रसाद के संघर्ष, सामाजिक न्याय के विचारों और शोषित-वंचित वर्गों के अधिकारों के लिए उनके योगदान को याद किया।

कार्यक्रम (Varanasi) को संबोधित करने वालों में चन्द्रसेन पाल, प्रदेश अध्यक्ष; पंकज मनु विश्वकर्मा, प्रदेश अध्यक्ष युवा; इरफान, इरशाद, अजीत कुशवाहा, राष्ट्रीय महासचिव; लाखन राज पासी, पटेल विजय नारायण वर्मा, अनिल मौर्य, मंडल प्रभारी; कन्हैया कुशवाहा, दीनानाथ आजमगढ़, दिनेश वर्मा, इन्द्र कुमार मौर्य, रामचन्दर त्यागी, रमाशंकर सिंह, रामकृष्ण प्रजापति, भागीरथी सिंह, मधुकर निषाद, शुभम प्रजापति, रमेश यादव और श्यामधर मौर्य सहित अन्य लोग शामिल रहे।
ये भी पढ़ें:- पटलों और रिकॉर्ड रूम का आरटीओ ने किया औचक निरीक्षण
कार्यक्रम की अध्यक्षता अशोक कुमार मौर्य, जिलाध्यक्ष जन अधिकार पार्टी वाराणसी (Varanasi) ने की। संचालन संतोष सिंह पटेल और अनिल मास्टर साहब ने किया।
