Sonbhadra: दिल्ली के मोतीबाग इलाके के सत्य निकेतन में हॉस्टल की इमारत भरभरा कर गिरने से हुए दर्दनाक हादसे में सोनभद्र जनपद के रेणुकूट निवासी छात्र अभिषेक कुमार की मौत हो गई। अभिषेक दिल्ली विश्वविद्यालय में बीकॉम द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। बेटे की मौत की खबर मिलते ही रेणुकूट स्थित परिवार में कोहराम मच गया। हादसे की जानकारी मिलते ही उसके पिता संतोष कुमार खरवार दिल्ली के लिए रवाना हो गए।
Sonbhadra: वाराणसी में किया गया अंतिम संस्कार
परिजनों के अनुसार, पोस्टमार्टम के बाद अभिषेक का पार्थिव शरीर वाराणसी लाया गया, जहां उसका अंतिम संस्कार वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर किया गया। अभिषेक मूल रूप से चंदौली जिले के झांसी गांव का रहने वाला था और पढ़ाई के सिलसिले में दिल्ली में रह रहा था। दर्दनाक हादसे के बीच अभिषेक (Sonbhadra) की एक इच्छा ने परिवार के दुख में मानवीय संवेदना की एक नई तस्वीर जोड़ दी। अभिषेक ने पहले से ही अपनी आंखें दान करने के लिए पंजीकरण करा रखा था। हादसे के बाद उसकी इच्छा के अनुरूप उसकी आंखों का दान कराया गया।
बेटे को खोने के गम में डूबे पिता संतोष कुमार खरवार ने कहा कि अभिषेक अब इस दुनिया में नहीं है, लेकिन उसकी आंखें किसी दूसरे व्यक्ति की जिंदगी में रोशनी ला सकती हैं। उन्होंने कहा कि बेटे को खोने का दुख बहुत बड़ा है, लेकिन इस बात का संतोष है कि उसके अंगदान से किसी जरूरतमंद की जिंदगी में उजाला आएगा।
बता दें कि अभिषेक परिवार में सबसे छोटा था। वह अपने माता-पिता के साथ रेणुकूट (Sonbhadra) की हिंडाल्को कॉलोनी स्थित एचएच-140 आवास में रहता था। उसके पिता संतोष कुमार खरवार हिंडाल्को में कार्यरत हैं। अभिषेक का एक बड़ा भाई और बड़ी बहन है। बड़ा भाई राजस्थान में बीटेक की पढ़ाई कर रहा है, जबकि बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। इन दिनों अभिषेक की मां अपने गांव गई हुई हैं।
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अभिषेक की मौत की खबर से पूरे जिले और उसके परिचितों में शोक की लहर दौड़ गई। जिस बेटे को परिवार ने पढ़-लिखकर बेहतर भविष्य बनाने के सपने के साथ दिल्ली भेजा था, वह हादसे (Sonbhadra) का शिकार होकर हमेशा के लिए परिवार से दूर हो गया। परिवार के लिए यह सिर्फ एक बेटे को खोने का दर्द नहीं, बल्कि भविष्य के तमाम सपनों के अचानक बिखर जाने जैसा है।

