राजधानी Delhi से एक बड़ी खबर सामने आ रही है। दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक पांच मंजिला इमारत ताश के पत्तों के जैसे कुछ यूँ धराशायी हो गया, कि लोगों के रोंगटे खड़े हो गए। PG के तौर पर इस्तेमाल हो रही इस बहुमंजिला इमारत के जमींदोज होने की घटना ने सभी को हिलाकर रख दिया है।

हादसे में अब तक 7 लोगों की मौत की सूचना है, जबकि 11 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला जा चुका है। मलबे में अभी भी कई लोगों के दबे होने की आशंका है, जिनमें कई छात्र भी शामिल बताए जा रहे हैं। हादसे के बाद मौके पर NDRF, CATS एंबुलेंस और प्रशासन की कई टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हैं।
वहीं इस इमारत के गिरने से पहले का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। फुटेज में साफ़ तौर पर यह दिखाई देता है कि इमारत के ठीक नीचे एक बुजुर्ग व्यक्ति अपनी छोटी-सी स्टॉल लगाकर बैठे हुए थे। अचानक ऊपर से मलबा और धूल गिरने लगी। जिसे देखते ही बुजुर्ग ने खतरा भांप लिया और अपनी जान बचाने के लिए तेजी से वहां से भागते हैं। इसके कुछ ही सेकेंड बाद पूरी इमारत भरभराकर नीचे गिर जाती है और देखते ही देखते चारों तरफ धूल का गुबार छा जाता है।
AIIMS में 10 घायल पहुंचे, 6 की मौत की पुष्टि
AIIMS की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे में JPN एपेक्स ट्रॉमा सेंटर (Delhi) में 10 मरीज पहुंचे थे। इनमें पांच लोगों को मृत अवस्था में लाया गया, जबकि गंभीर रूप से घायल एक अन्य मरीज ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। तीन मरीजों को भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। इनमें एक मरीज के हाथ-पैर की सर्जरी की गई है। वहीं एक अन्य घायल को मामूली चोटें आई थीं, जिसे ऑब्जर्वेशन के बाद डिस्चार्ज कर दिया गया। हादसे के बाद राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी है और मलबे की जांच की जा रही है।
PCR कॉल के बाद पुलिस ने शुरू किया रेस्क्यू
एडिशनल डीसीपी अभिमन्यु पोसवाल के अनुसार, 6 सितंबर की दोपहर PCR कॉल के जरिए पुलिस को बिल्डिंग गिरने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम (Delhi) मौके पर पहुंची और कुछ छात्रों को मलबे से बाहर निकालकर नजदीकी अस्पताल भेजा।

जांच और रेस्क्यू आगे बढ़ने पर पुलिस को पता चला कि मलबे के नीचे और भी छात्र फंसे हुए हैं। इसके बाद राहत-बचाव अभियान को और तेज किया गया।
ग्राउंड फ्लोर पर चल रहा था रेनोवेशन
पुलिस और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, इमारत (Delhi) के ग्राउंड फ्लोर पर रेनोवेशन का काम चल रहा था। आरोप है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करते हुए पिलर और दीवारों से छेड़छाड़ की जा रही थी। इससे इमारत का ढांचा कमजोर हुआ और वह अचानक ढह गई। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह और जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच जारी है।
मकान मालिक हरिराम के खिलाफ FIR, LOC जारी
इस मामले में दिल्ली पुलिस (Delhi) के साउथ कैंपस थाने में इमारत के मालिक हरिराम बंसल और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में दर्ज किया गया है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी हरिराम बंसल के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर (LOC) भी जारी किया गया है। पुलिस के पास उसकी पासपोर्ट संबंधी जानकारी भी मौजूद है।
Delhi-NCR से लेकर हरियाणा और UP तक छापेमारी
हादसे के बाद से हरिराम बंसल फरार बताया जा रहा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए दिल्ली पुलिस ने 10 अलग-अलग टीमें गठित की हैं। इन टीमों में स्थानीय पुलिस, स्पेशल स्टाफ और विभिन्न ऑपरेशन यूनिट के पुलिसकर्मी शामिल हैं।
टीमों की अगुवाई जिले के एडिशनल DCP रैंक के अधिकारी कर रहे हैं। पुलिस दिल्ली के अलावा हरियाणा और उत्तर प्रदेश में भी आरोपी के संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। उसके रिश्तेदारों और करीबियों के यहां भी पुलिस पहुंच रही है।
CM रेखा गुप्ता ने घटनास्थल और AIIMS का किया दौरा
हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू, मंत्री कपिल मिश्रा, स्थानीय विधायक और वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे। मुख्यमंत्री (Delhi) ने राहत एवं बचाव कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों को रेस्क्यू ऑपरेशन में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतने के निर्देश दिए।

घटनास्थल का निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री AIIMS ट्रॉमा सेंटर पहुंचीं। उन्होंने हादसे में घायल और रेस्क्यू किए गए छात्रों से मुलाकात की। डॉक्टरों और स्वास्थ्य अधिकारियों से घायलों की स्थिति की जानकारी लेते हुए बेहतर और मुफ्त इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
तीन दिन में इमारत गिराने का आदेश
MCD ने दिल्ली (Delhi) नगर निगम अधिनियम-1957 की धारा 348 के तहत जारी नोटिस में मकान मालिक और निवासियों को तीन दिनों के भीतर खतरनाक ढांचे को स्वयं ध्वस्त करने का निर्देश दिया है।
नोटिस में चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय में कार्रवाई नहीं होने पर नगर निगम स्वयं इमारत को गिराएगा और इस पर आने वाला खर्च मकान मालिक से बकाया के रूप में वसूला जाएगा।
ये भी पढ़ें:- श्रेया उपाध्याय हत्याकांड का मुख्य आरोपी विवेक चौबे मुठभेड़ में गिरफ्तार
सत्य निकेतन हादसे ने राजधानी (Delhi) में पुरानी और जर्जर इमारतों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब पुलिस जांच के साथ-साथ आसपास की इमारतों की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन की कार्रवाई तेज हो गई है।

