काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक महिला से करीब छह लाख रुपये की ठगी करने और उसे कूटरचित नियुक्ति पत्र देने के मामले में सिगरा पुलिस ने वांछित आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार आरोपी ने नौकरी दिलाने का भरोसा दिलाकर पीड़िता से रकम ली और बाद में उसे फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया। मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद से पुलिस आरोपी की तलाश कर रही थी।
पुलिस आयुक्त वाराणसी द्वारा अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस उपायुक्त काशी जोन के निर्देशन, अपर पुलिस उपायुक्त काशी जोन के पर्यवेक्षण तथा सहायक पुलिस आयुक्त चेतगंज और प्रभारी निरीक्षक सिगरा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर आरोपी को गिरफ्तार किया।
BHU: नौकरी का झांसा देकर लिए करीब छह लाख रुपये
पुलिस के मुताबिक, आरोपी चन्द्रमणि शर्मा (32) ने पीड़िता को BHU में असिस्टेंट प्रोफेसर की नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था। नौकरी लगवाने के नाम पर उससे करीब छह लाख रुपये लिए गए। आरोप है कि रकम लेने के बाद आरोपी ने पीड़िता को विश्वास में बनाए रखने के लिए कूटरचित नियुक्ति पत्र भी उपलब्ध कराया। बाद में नियुक्ति पत्र की वास्तविकता सामने आने पर पीड़िता को कथित धोखाधड़ी की जानकारी हुई।
इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस से की गई। शिकायत के आधार पर थाना सिगरा में मु0अ0सं0 0338/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 318(4), 352, 336(3), 338 और 340(2) में मुकदमा दर्ज किया गया।
कार्यालय से पुलिस ने किया गिरफ्तार
मामले (BHU) में वांछित चल रहे आरोपी की तलाश में पुलिस टीम जुटी थी। मंगलवार 8 सितंबर 2026 को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर सिगरा पुलिस ने आरोपी चन्द्रमणि शर्मा को सी-14/160 डीपी सोनिया रोड, थाना सिगरा क्षेत्र स्थित कार्यालय से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी मूल रूप से 14/120 टी-4ए, त्रिदेव नगर कॉलोनी, सरायनंदन, थाना भेलूपुर, वाराणसी का निवासी है और वर्तमान में आनंद नगर, कंदवा, चितईपुर, थाना मंडुवाडीह, वाराणसी में रह रहा था। उसकी उम्र 32 वर्ष बताई गई है।
कूटरचित नियुक्ति पत्र की भी जांच
मामले (BHU) में पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि कथित कूटरचित नियुक्ति पत्र कैसे तैयार किया गया और इसके पीछे आरोपी के अलावा कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। साथ ही पुलिस ठगी की रकम और आरोपी द्वारा पीड़िता से संपर्क करने तथा नौकरी दिलाने के नाम पर किए गए लेन-देन से जुड़े साक्ष्यों को भी जुटा रही है।
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नौकरी के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र देकर बेरोजगारों और नौकरी की तलाश कर रहे लोगों से रकम ऐंठने के मामलों को लेकर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। BHU जैसे प्रतिष्ठित संस्थान में नियुक्ति का भरोसा देकर ठगी किए जाने के इस मामले ने नौकरी के नाम पर होने वाले फर्जीवाड़े को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
