Varanasi: चितईपुर क्षेत्र स्थित विश्वकर्मा नगर कॉलोनी में जलभराव और सीवर की समस्या को लेकर रविवार को स्थानीय लोगों का आक्रोश सड़क पर उतर आया। वर्षों से चली आ रही समस्या का स्थायी समाधान नहीं होने से नाराज कॉलोनीवासियों ने हाथों में बैनर-पोस्टर लेकर मार्च निकाला और प्रशासन व जिम्मेदार विभागों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान लोगों ने बैनर-पोस्टर पर कॉलोनी में जलजमाव की तस्वीरें और समस्या को प्रदर्शित करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से तत्काल स्थायी समाधान की मांग की।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि विश्वकर्मा नगर (Varanasi) में जलनिकासी और सीवर की समस्या कोई नई नहीं है। करीब एक दशक से लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं। बारिश के दिनों में स्थिति और विकराल हो जाती है, जबकि बारिश नहीं होने पर भी नालियों के जाम रहने के कारण गंदा पानी सड़कों और गलियों में बहता रहता है। कई गलियों में करीब एक से डेढ़ फीट तक गंदा पानी जमा है। लंबे समय से जमा पानी का रंग हरा-काला हो चुका है और उसमें मच्छरों की भरमार है।

कॉलोनी निवासी नीलम सिंह ने बताया कि विश्वकर्मा नगर (Varanasi) में जलभराव और सीवर की समस्या करीब 10 वर्षों से बनी हुई है। करीब पांच वर्ष से कॉलोनी नगर निगम के दायरे में आने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। उन्होंने बताया कि स्थानीय लोगों ने समस्या के समाधान के लिए कई स्तरों पर शिकायत की है। विधायक, पार्षद, महापौर और संबंधित अधिकारियों को पत्र देने के साथ ही नगर विकास मंत्री तक शिकायत पहुंचाई गई। मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई गई। इसके अलावा स्मार्ट सिटी के माध्यम सहित विभिन्न माध्यमों से शिकायतें की गईं, लेकिन लोगों के मुताबिक अब तक उन्हें आश्वासन के अलावा कोई ठोस समाधान नहीं मिला।
बुजुर्गों और बच्चों की बढ़ी परेशानी
स्थानीय लोगों का कहना है कि जलभराव के कारण सबसे अधिक परेशानी वरिष्ठ नागरिकों, बच्चों और बीमार लोगों को हो रही है। (Varanasi) कॉलोनी में बड़ी संख्या में बुजुर्ग रहते हैं। पानी और कीचड़ के बीच उनके लिए घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। किसी व्यक्ति के बीमार होने पर उसे अस्पताल तक ले जाने में भी परेशानी होती है। वहीं बच्चों को विद्यालय पहुंचाने और वापस घर लाने के दौरान अभिभावकों को रोजाना दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।

लोगों के मुताबिक विश्वकर्मा नगर (Varanasi) के मुख्य गेट के आसपास सड़क की हालत भी बेहद खराब हो गई है। सड़क पर जमा पानी और कीचड़ के कारण दोपहिया वाहन फिसलते हैं। इससे आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। उमेश सिंह ने बताया कि वरिष्ठ नागरिक, बच्चे और बुजुर्ग लगातार पानी में गिर रहे हैं। दवा, राशन और रोजमर्रा की जरूरत का सामान लाने में भी लोगों को परेशानी हो रही है।
मच्छरों का प्रकोप, बीमारियों का खतरा
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि कई गलियों में लंबे समय से पानी जमा होने के कारण मच्छरों का प्रकोप तेजी से बढ़ गया है। लोगों को आशंका है कि यदि जल्द जलनिकासी नहीं कराई गई और जमा पानी की समस्या दूर नहीं हुई तो डेंगू, मलेरिया सहित अन्य बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि जलभराव वाले क्षेत्रों में नियमित रूप से एंटी लार्वा का छिड़काव भी नहीं कराया जा रहा है। लोगों का कहना है कि कभी-कभार(Varanasi) अधिकारी या जनप्रतिनिधि मौके का निरीक्षण करने पहुंचते हैं, लेकिन निरीक्षण के बाद स्थायी कार्य शुरू नहीं होता। इससे लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
‘निरीक्षण नहीं, अब चाहिए स्थायी समाधान‘
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अक्सर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की ओर से काशीवासियों (Varanasi) की सुविधा को प्राथमिकता देने की बात कही जाती है, लेकिन विश्वकर्मा नगर की स्थिति इसके विपरीत है। लोगों का कहना है कि समस्या की जानकारी सभी जिम्मेदार लोगों को है, इसके बावजूद वर्षों से स्थायी जलनिकासी और सीवर व्यवस्था नहीं हो सकी।

एक स्थानीय महिला ने कहा कि पार्षद, विधायक, महापौर और प्रदेश में सरकार एक ही दल की है। वाराणसी (Varanasi) प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र है, इसके बावजूद स्थानीय लोगों को मूलभूत सुविधाओं के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर काम किस स्तर पर रुका हुआ है और ऐसी कौन सी अड़चन है, जिसके कारण वर्षों बाद भी सीवर और जलनिकासी की व्यवस्था नहीं हो सकी।

प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान बनी सड़क भी खराब
प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि जिस रास्ते से प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान सड़क का काम कराया गया था, बारिश के बाद उसकी स्थिति भी खराब हो गई है। लोगों ने सड़क की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की। उनका कहना है कि सड़क की खराब स्थिति और जलभराव के कारण आवागमन मुश्किल हो गया है।
एक सप्ताह का अल्टीमेटम, आंदोलन तेज करने की चेतावनी
कॉलोनी निवासी उमेश सिंह ने कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर सीवर और जलभराव की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने कहा कि समस्या केवल विश्वकर्मा नगर (Varanasi) तक सीमित नहीं है, बल्कि चितईपुर क्षेत्र के बड़े हिस्से में जलनिकासी की समस्या बनी हुई है।
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स्थानीय लोगों ने मांग की कि विश्वकर्मा नगर(Varanasi) में स्थायी सीवर लाइन बिछाने का काम तत्काल शुरू कराया जाए। साथ ही जमा पानी की तत्काल निकासी, नालियों की सफाई, नियमित एंटी लार्वा छिड़काव और खराब सड़कों की मरम्मत कराई जाए। लोगों का कहना है कि अब उन्हें आश्वासन नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाला स्थायी समाधान चाहिए। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होंगे।

