श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय SIT से क्लीन चिट मिलने के बाद अयोध्या से काशी पहुंचे। आध्यात्मिक नगरी काशी में पहुंचने पर उन्होंने मणिकर्णिका घाट स्थित सिद्ध पीठ नरसिंह मठ में दर्शन-पूजन किया। इस दौरान उन्होंने काशी की आध्यात्मिक परंपरा और यहां मिलने वाले संतों के दर्शन को सौभाग्य बताया।
SIT से मिली क्लीन चिट
SIT से क्लीन चीट मिलने और काशी पहुंचने के बाद चंपत राय ने सबसे पहले मणिकर्णिका घाट स्थित सिद्ध पीठ नरसिंह मठ में विराजमान योगीराज स्वामी नरसिंह भारती जी महाराज की जीवित समाधि के दर्शन किए। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उन्होंने विधिवत पूजन-अर्चन किया।
इसके बाद उन्होंने श्री कोलाहल नरसिंह भगवान, श्री राम जन्मभूमि आंदोलन में पूजित भगवान राम की प्रतिमा, श्री त्रिकोटेश्वर महादेव और संत ज्ञानेश्वर जी की पूजा-अर्चना की।
बोले- काशी आना सुखद आनंद की अनुभूति
काशी की गलियों में भ्रमण के दौरान चंपत राय ने कहा कि आध्यात्मिक नगरी काशी सदैव ज्ञान और प्रकाश देने वाली रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे पवित्र स्थान पर आना उनके लिए सुखद आनंद की अनुभूति है। काशी में वेद मंत्रों की ध्वनि सुनना और सिद्ध संतों के दर्शन का अवसर मिलना सौभाग्य की बात है।
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चंपत राय के साथ काशी में विजय चौधरी, विकास मेहरा, सुरेश जायसवाल, परशुराम उपाध्याय, समर्थ केसरी, राष्ट्रवादी सौरभ, राम कृष्ण गुप्ता, एडवोकेट अनुपम खन्ना और संकल्प जी, संगठन मंत्री काशी दक्षिण सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
