Ghazipur: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को रद्द करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर भाकपा-माले कार्यकर्ताओं ने बुधवार को जमानियां में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने पाण्डेय मोड़ से जुलूस निकाला और तहसील मुख्यालय पहुंचकर ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका। इसके बाद सभा आयोजित कर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार जमानियां को सौंपा।
भाकपा-माले नेता ने लगाए आरोप
सभा को संबोधित (Ghazipur) करते हुए भाकपा-माले केंद्रीय कमेटी के सदस्य ईश्वरी प्रसाद कुशवाहा ने SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने रिपोर्ट का हवाला देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार पर आरोप लगाए।
उन्होंने दावा किया कि चुनाव आयोग के अन्य दो आयुक्तों की आपत्तियों को दरकिनार कर SIR की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। उन्होंने इसे संविधान और लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय बताते हुए लोगों से इसके विरोध में आंदोलन में शामिल होने की अपील की।
हालांकि, चुनाव आयोग ने इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के बाद कहा था कि अलग-अलग विचार संस्थागत निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा हैं और पिछले एक वर्ष में आयोग के सभी फैसले पूर्ण आयोग की सर्वसम्मति (Ghazipur) से लिए गए हैं।
Ghazipur: SIR को लेकर भी जताया विरोध
भाकपा-माले गाजीपुर (Gazipur) के जिला सचिव ओमप्रकाश सिंह ने कहा कि SIR के जरिए कमजोर वर्गों और अल्पसंख्यकों के मताधिकार एवं नागरिक अधिकारों पर असर पड़ने की आशंका है। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से आगामी 2 अक्टूबर को गाजीपुर में प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की।
SIR को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाली एक याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने भी सुनवाई के लिए सहमति जताई है। याचिका में SIR की वैधता और मुख्य चुनाव आयुक्त की कार्यप्रणाली से जुड़े मुद्दे उठाए गए हैं।
ज्ञापन में रखीं कई मांगें
राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन (Ghazipur) के माध्यम से भाकपा-माले ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए महाभियोग की प्रक्रिया शुरू करने, SIR रद्द करने, प्रक्रिया के दौरान मतदाता सूची से बाहर हुए लोगों के नाम दोबारा जोड़ने और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने समेत कई मांगें रखीं।
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पार्टी ने दोषपूर्ण मतदाता सूची के आधार पर हुए विधानसभा चुनावों को रद्द करने की मांग भी ज्ञापन में शामिल की। प्रदर्शन (Ghazipur) के दौरान विजयी वनवासी, बुच्चीलाल, श्यामप्यारी, पांचरतन कुशवाहा, अखिलेश कुशवाहा, राजेंद्र वनवासी और लालू बिंद समेत अन्य कार्यकर्ताओं ने भी अपनी बात रखी।

