UP Politics: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक मुलाकात ने नए सियासी समीकरणों को लेकर चर्चा तेज कर दी है। अपनी जनता पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व सपा नेता स्वामी प्रसाद मौर्य की यूपी कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम से मुलाकात के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या मौर्य कांग्रेस या विपक्षी गठबंधन INDIA ब्लॉक के करीब आ रहे हैं? इस पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष आराधना मिश्रा मोना ने साफ कहा है कि गठबंधन में किसे शामिल किया जाएगा, इसका फैसला शीर्ष नेतृत्व ही करेगा।
INDIA ब्लॉक में शामिल होने पर कांग्रेस ने क्या कहा?
स्वामी प्रसाद मौर्य के कांग्रेस या INDIA ब्लॉक में शामिल होने की संभावना को लेकर सवाल पूछे जाने पर आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि INDIA ब्लॉक का गठन राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं ने किया था। ऐसे में गठबंधन (UP Politics) में किसी नए दल या नेता को शामिल करने का निर्णय भी नेतृत्व के स्तर पर ही होगा।
उनके इस बयान के बाद यूपी पॉलिटिक्स में मौर्य की अगली राजनीतिक चाल को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं। हालांकि, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने उनकी एंट्री को लेकर न तो कोई पुष्टि की और न ही कोई स्पष्ट संकेत दिया।
UP Politics: सपा ने भी मुलाकात पर रखी अपनी बात
स्वामी प्रसाद मौर्य और कांग्रेस प्रभारी की मुलाकात पर समाजवादी पार्टी ने भी प्रतिक्रिया दी है। लखनऊ में सपा प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने कहा कि कांग्रेस के प्रभारी किससे मिलते हैं और किस वजह से मिलते हैं, यह फैसला कांग्रेस को करना है। वे जिसे उचित समझें, उससे मुलाकात कर सकते हैं। उदयवीर सिंह ने यह भी कहा कि कांग्रेस नेता (UP Politics) चाहें तो सपा नेताओं से भी बातचीत जारी रख सकते हैं।
INDIA ब्लॉक को लेकर उन्होंने बताया कि इस संबंध में चर्चा राहुल गांधी के स्तर पर हो रही है। जब राहुल गांधी इस मुद्दे पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से बात करेंगे, तब यदि कोई महत्वपूर्ण बात होगी तो वह सामने आ जाएगी।
SIR में नाम कटने का मुद्दा भी उठाया
आराधना मिश्रा मोना ने बातचीत के दौरान मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि देशभर में करीब 13 करोड़ नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की बात सामने आई है। उन्होंने सवाल किया कि क्या सूची (UP Politics) से हटाए गए सभी लोग घुसपैठिए थे?
मोना ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री की ओर से भी 1.25 करोड़ से 1.5 करोड़ नाम कटने की बात स्वीकार किए जाने का दावा किया गया है। उनके मुताबिक, यह स्थिति भाजपा की हताशा को दर्शाती है। उन्होंने दिल्ली में हुए जन आंदोलन की भी चर्चा की और कहा कि उसमें यूपी के कार्यकर्ताओं ने बड़ी संख्या में हिस्सा लिया।
सपा छोड़कर अपनी पार्टी बना चुके हैं स्वामी प्रसाद मौर्यस्वामी प्रसाद मौर्य पहले समाजवादी पार्टी में थे, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी अलग पार्टी- अपनी जनता पार्टी बनाई। अब उनकी कांग्रेस प्रभारी से मुलाकात (UP Politics) के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा शुरू हो गई है कि क्या वह विपक्षी गठबंधन के साथ नई राजनीतिक पारी की तैयारी कर रहे हैं।
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फिलहाल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी, दोनों की ओर से इस मुलाकात को लेकर कोई ठोस राजनीतिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में स्वामी प्रसाद मौर्य INDIA ब्लॉक का हिस्सा बनेंगे या नहीं, इसका जवाब आने वाले दिनों में ही मिल पाएगा। फिलहाल UP Politics में इस मुलाकात को संभावित नए सियासी समीकरणों के तौर पर देखा जा रहा है।

