Varanasi: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विस्फोटक बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने धर्म और अध्यात्म की नगरी Varanasi पहुंचकर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन किया। सहवाग ने बाबा विश्वनाथ के दरबार में पहुंचकर अपनी श्रद्धा व्यक्त की और इस खास पल की तस्वीरें अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर भी साझा कीं।
सहवाग ने मंदिर परिसर (varanasi) की तस्वीरों के साथ लिखा, “जहाँ महादेव का बुलावा आ जाए, वहाँ जाना अपने आप में सौभाग्य है। जय बाबा विश्वनाथ! हर हर महादेव।”
सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में वीरेंद्र सहवाग सफेद टी-शर्ट और काले चश्मे में मंदिर परिसर में हाथ जोड़कर खड़े नजर आ रहे हैं। उनकी Varanasi यात्रा और बाबा विश्वनाथ के दर्शन की तस्वीरों को प्रशंसकों ने भी खूब पसंद किया।
क्रिकेट की दुनिया से varanasi की आध्यात्मिक नगरी तक
वीरेंद्र सहवाग का Varanasi आगमन एक बार फिर यह दर्शाता है कि बाबा विश्वनाथ की नगरी देश और दुनिया की नामचीन हस्तियों के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। क्रिकेट, सिनेमा और अन्य क्षेत्रों से जुड़ी कई प्रसिद्ध हस्तियां समय-समय पर काशी पहुंचकर बाबा विश्वनाथ (varanasi) के दर्शन करती हैं।
मुल्तान में तिहरे शतक से बने ‘मुल्तान के सुल्तान’वीरेंद्र सहवाग भारतीय क्रिकेट के सबसे आक्रामक और सफल सलामी बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। उनके करियर की सबसे यादगार पारियों में मार्च 2004 में पाकिस्तान के मुल्तान में खेली गई 309 रनों की ऐतिहासिक पारी शामिल है।
इस पारी के साथ सहवाग टेस्ट क्रिकेट में तिहरा शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बने और उन्हें ‘मुल्तान का सुल्तान’ के नाम से नई पहचान मिली।
इसके बाद वर्ष 2008 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चेन्नई टेस्ट में उन्होंने 319 रनों की शानदार पारी खेली। सहवाग टेस्ट क्रिकेट में दो तिहरे शतक लगाने वाले दुनिया के चुनिंदा बल्लेबाजों में शामिल हैं।
वनडे में भी बनाया था ऐतिहासिक रिकॉर्ड
टेस्ट क्रिकेट के अलावा एकदिवसीय क्रिकेट में भी वीरेंद्र सहवाग ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी का लोहा मनवाया। दिसंबर 2011 में इंदौर में वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्होंने 149 गेंदों पर 219 रनों की यादगार पारी खेली थी। उस समय यह वनडे क्रिकेट का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर था।
वर्ष 2011 में विश्व कप विजेता भारतीय टीम का हिस्सा रहे सहवाग ने टूर्नामेंट के शुरुआती मुकाबले में बांग्लादेश के खिलाफ 175 रनों की शानदार पारी खेली थी। अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में उन्होंने तीनों प्रारूपों में कुल 17,253 रन बनाए।
पुरस्कारों और सम्मानों से सजा शानदार करियर
वीरेंद्र सहवाग को क्रिकेट में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया। उन्हें वर्ष 2002 में अर्जुन पुरस्कार मिला। इसके अलावा वर्ष 2008 और 2009 में उन्हें विजडन के वर्ष के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेटरों में शामिल किया गया।
वर्ष 2010 में उन्हें आईसीसी का वर्ष का सर्वश्रेष्ठ टेस्ट क्रिकेटर चुना गया और इसी वर्ष भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री सम्मान से सम्मानित किया। वर्ष 2023 में सहवाग को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद के हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया।
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क्रिकेट के मैदान पर अपनी बेखौफ और आक्रामक बल्लेबाजी के लिए पहचाने जाने वाले वीरेंद्र सहवाग का Varanasi में बाबा विश्वनाथ के दरबार पहुंचना उनके आध्यात्मिक पक्ष की भी झलक दिखाता है। महादेव की नगरी में उनकी यह यात्रा श्रद्धा, विश्वास और आध्यात्मिक शांति से जुड़ा एक खास अनुभव बन गई।
