Sonbhadra: चंदौली की चकिया विधानसभा सीट से पूर्व विधायक और भाजपा नेता शारदा प्रसाद पर एक महिला ने मारपीट, गाली-गलौज, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने और पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। घटना दो नवंबर की बताई जा रही है। मामला राबर्ट्सगंज कोतवाली से कुछ ही दूरी का है। कथित मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
महिला और पूर्व विधायक, दोनों पक्षों की ओर से राबर्ट्सगंज कोतवाली में प्रार्थना पत्र दिए जाने की बात सामने आई है। पुलिस (Sonbhadra) ने मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फिलहाल आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
15 साल से पूर्व विधायक के संपर्क में होने का महिला का दावा
राबर्ट्सगंज निवासी जानकी देवी पत्नी रामनारायण ने पुलिस को दी गई शिकायत में बताया कि वह अनुसूचित जाति वर्ग से हैं और करीब 15 वर्षों से पूर्व विधायक शारदा प्रसाद (Sonbhadra) के संपर्क में थीं। इस दौरान वह उनके घरेलू कामकाज, खानपान और सेवा-सत्कार से जुड़े कार्य करती थीं।
महिला के मुताबिक, एक नवंबर की रात वह ग्रामसभा बिच्छी स्थित पूर्व विधायक के आवास पर भोजन पहुंचाने गई थीं। वहां उन्होंने पूर्व विधायक को एक अन्य महिला के साथ कथित आपत्तिजनक स्थिति में देखा। शिकायत के अनुसार, इस बात का विरोध करने पर पूर्व विधायक और वहां मौजूद महिला ने उनके साथ अभद्रता और मारपीट की।
Sonbhadra: सहयोगियों पर भी मारपीट और मोबाइल छीनने का आरोप
जानकी देवी का आरोप है कि इसके बाद जब वह राबर्ट्सगंज स्थित अपने आवास पहुंचीं तो पूर्व विधायक के सहयोगियों ने भी उनके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। महिला ने सार्वजनिक रूप से जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल कर अपमानित (Sonbhadra) करने और उन्हें तथा उनके छोटे बच्चों सहित पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है।
शिकायत में मोबाइल फोन छीनने की बात भी कही गई है। महिला का दावा है कि मोबाइल में घटना से जुड़े अहम साक्ष्य मौजूद हैं। उन्होंने अपने पुत्र सत्यम के माध्यम से पुलिस सहायता के लिए 100 नंबर पर सूचना देने की बात भी बताई।
निष्पक्ष जांच और परिवार की सुरक्षा की मांग
महिला ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, घटना से जुड़े वीडियो और सीसीटीवी फुटेज सहित इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने (Sonbhadra) की मांग की है। उन्होंने अपने नाबालिग बच्चों और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार भी लगाई है। साथ ही आशंका जताई है कि प्रभावशाली लोग मामले के साक्ष्यों को प्रभावित कर सकते हैं।
पुलिस (Sonbhadra) के अनुसार, राबर्ट्सगंज थाने में प्रकरण दर्ज कर जांच की जा रही है। वायरल वीडियो और दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर मामले के तथ्यों की पड़ताल की जा रही है।
पूर्व विधायक बोले- जनप्रतिनिधि का कर रहा था बीच-बचाव
आरोपों पर पूर्व विधायक शारदा प्रसाद ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनके जनप्रतिनिधि दुबे जी के साथ कुछ लोग मारपीट कर रहे थे। वह वहां बीच-बचाव कर रहे थे। उन्होंने यह भी कहा कि पीड़ित पक्ष (Sonbhadra) की ओर से तहरीर दी गई है।
दोनों पक्षों की शिकायतों और वायरल वीडियो के बाद क्षेत्र में मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। घटना के पीछे की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही स्पष्ट हो सकेगी।
ये भी पढ़ें:- वाराणसी पहुंचे सपा प्रमुख अखिलेश यादव, बोले – MLC की दोनों सीटें जीते
शारदा प्रसाद चंदौली जिले की चकिया विधानसभा सीट (Sonbhadra) से अलग-अलग चुनावों में विधायक चुने जा चुके हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने 2002 और 2007 में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के टिकट पर जीत दर्ज की थी। बसपा सरकार में वह सार्वजनिक उद्यम विभाग के राज्यमंत्री भी रहे। बाद में भाजपा में शामिल होकर उन्होंने 2017 का विधानसभा चुनाव चकिया सीट से लड़ा और जीत हासिल की थी।
