कार्यों में लापरवाही, ढिलाई एवं उपभोक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार को अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा: एके शर्मा
लखनऊ। प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने विद्युत विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपनी कार्यशैली एवं व्यवहार में शीघ्र बदलाव करने को कहा। कार्यों में लापरवाही, ढिलाई एवं उपभोक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार को अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। कहीं से भी शिकायत एवं गड़बड़ी पाये जाने पर नीचे से ऊपर तक के सभी अधिकारियों की जवाबदेही तय की जायेगी और शासन स्तर से कार्रवाई होगी। कहा कि समझाते हुए डेढ़ वर्ष हो गये अभी तक कार्यों में बदलाव नहीं दिख रहा, अब ऐसी कार्य संस्कृति नहीं चलेगी। प्रदेश सरकार की मंशानुरूप, मुख्यमंत्री के विजन एवं संकल्पों के दृष्टिगत प्रदेश की जनता को निर्बाध विद्युत आपूर्ति मिले, विद्युत व्यवस्था बेहतर हो, उपभोक्ताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान हो, इसके लिए अब कार्य करना होगा। ऊर्जा मंत्री एके शर्मा बुधवार को शक्ति भवन में विभागीय कार्यों की समीक्षा के दौरान विद्युत कार्मिकों की कार्य संस्कृति और लक्ष्य के अनुरूप कार्यों में अपेक्षित प्रगति न होने पर खासी नाराजगी व्यक्त की।
एके शर्मा ने कहा कि 45 हजार करोड़ रुपए से अधिक का बिजली बिल बकाया है इसकी वसूली नहीं हो पा रही है। इसके लिए सभी डिस्काम में कॉल सेंटर स्थापित कर प्रदेश के 8 हजार से अधिक बड़े बकायेदारों से सख्ती से वसूली के लिए रात में भी फोन करने की व्यवस्था करने और इसकी मॉनीटरिंग के निर्देश दिये। कहा कि छोटे उपभोक्ताओं व गरीबों को वसूली एवं जांच के नाम पर एफआईआर हो रही है, उन्हें परेशान किया जा रहा है।

बड़े बकायेदारों एवं अमीरों पर कोई भी कार्रवाई नहीं की जा रही है। बड़े बकायेदारों से वसूली के लिए उनके यहां मुनादी भी कराएं। उन्होंने जून माह में मात्र 55 प्रतिशत राजस्व वसूली होने पर एके शर्मा नेकहा कि राजस्व वसूली में एक हफ्ते के भीतर सुधार किया जाय और मासिक लक्ष्य के सापेक्ष राजस्व प्राप्ति के प्रयास किये जाए। ऐसा लग रहा है कि बिजली विभाग बिना मां-बाप के चल रहा है। कोई भी कार्य जिम्मेदारी के साथ व्यवस्थित तरीके से नहीं हो रहा है। सभी अधिकारी एवं कर्मचारी जिम्मेदारी के प्रति भीष्म पितामह व धृतराष्ट्र बने हुए हैं। उन्होंने सौभाग्य योजना के उपभोक्ताओं पर एफआईआर न करने के सख्त निर्देश दिये हैं।
एके शर्मा ने चेयरमैन को निर्देश दिये कि कॉलोनियों के विद्युतीकरण के मामले शीघ्र सुलझाएं जाएं। जनहित के इस मामले में नियमों को शिथिल कर विद्युतीकरण एवं कनेक्शन सम्बंधी स्टीमेट बनाने की ऐसी व्यवस्था बनायी जाय जो सबके लिए प्रभावी हो। उपभोक्ताओं की जो भी समस्याएं हों प्रोएक्टिव होकर उन्हें सुलझाया जाय। अधिकांश उपभोक्ताओं के यहां कनेक्शन देने के बाद भी मीटर नहीं लगाया जाता और विद्युत बिल वसूली के लिए खड़े हो जाते हैं, यह बहुत बड़ी खामी है। उन्होंने कहा कि ऊपर से नीचे तक विभाग में भ्रष्टाचार व्याप्त है। सरकार की मंशा भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की है, जिसे किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।
sudha jaiswal
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