पर्यटन क्षेत्र में सोलर बोटों का उपयोग पर्यटन की दृष्टि से मील का पत्थर साबित होगी: जयवीर सिंह
प्रदेश के सभी नगर निगमों में पर्यटन की दृष्टि से सोलर बोटों का संचालन किया जायेगा: एके शर्मा
लखनऊ। प्रदेश के पर्यटन क्षेत्रों को प्रदूषण मुक्त करने तथा जल परिवहन एवं पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए नदियों, सरोवरों व झीलों में सौर ऊर्जा से चालित सोलर बोटों का संचालन किया जायेगा। इसके लिए प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा तथा पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह की उपस्थिति में उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (नेडा) तथा उ0प्र0 राज्य पर्यटन विकास लि0 के मध्य मंगलवार को पर्यटन भवन में समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित किया गया। नेडा के डायरेक्टर श्री अनुपम शुक्ला तथा पर्यटन विकास निगम के डायरेक्टर ने इस सम्बंध में समझौता ज्ञापन में हस्ताक्षर किये।इस अवसर पर नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने कहा कि पर्यावरण की रक्षा के लिए माननीय प्रधानमंत्री द्वारा ऐसे ऊर्जा द्मोतों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है जिससे कार्बन उत्सर्जन कम हो। सौर ऊर्जा नवीन और स्वच्छ ऊर्जा का एक अच्छा द्मोत है।

हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए हाइड्रोजन और ग्रीन हाइड्रोजन व पवन ऊर्जा के क्षेत्र में भी आगे बढ़ रहे हैं। इससे तापीय ऊर्जा और हाइड्रो ऊर्जा पर निर्भरता कम होगी। उन्होंने कहा कि अयोध्या, वाराणसी को सोलर सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। इससे पर्यटकों को प्रदूषण मुक्त वातावरण मिलेगा और पर्यटन क्षेत्र में सोलर नावों के संचालन से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही स्थानीय स्तर पर मछुआरा समुदाय भी अपनी परम्परागत नावों को सोलर नाव में बदलने के लिए प्रेरित होगा। इसके पहले भी काशी सहित तमाम पर्यटन क्षेत्रों में परम्परागत नावों को पर्यटन के लिए डीजल/पेट्रोल तथा सीएनजी से चलने वाली नावों में बदलकर संचालित किया जा रहा है।

इस दौरान पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि पर्यटन क्षेत्र में सोलर बोटों का उपयोग पर्यटन की दृष्टि से मील का पत्थर साबित होगी । प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री की प्रेरणा से पर्यटकों को बेहतर एवं जरूरी सुविधाएं देने का प्रयास कर रही है। पर्यटन क्षेत्रों में प्रदूषण को कम करने के लिए सौर एवं हरित ऊर्जा को बढ़ावा दिया जा रहा है।