सिख समाज के प्रेरक इतिहास पर आधारित मस्ताने फिल्म को लगभग तीन सौ लोगों ने निशुल्क देखा
लखनऊ। मस्ताने फिल्म उत्तर प्रदेश पंजाबी अकादमी की ओर से पंजाबी भाषा और संस्कृति के प्रचार-प्रसार के लिए रविवार 3 सितम्बर को आलमबाग के मूवी मैक्स शालीमार गेटवे मॉल में शाम 6 बजे “मस्ताने” शीर्षक की पंजाबी फिल्म दिखायी गई। सिख समाज के प्रेरक इतिहास पर आधारित इस फिल्म को लगभग तीन सौ लोगों ने निशुल्क देखा।

अकादमी के जनसंपर्क अधिकारी अरविन्द नारायण मिश्र के अनुसार इस फिल्म में तरसेम जस्सर, सिमी चहल, गुरप्रीत घुग्गी, करमजीत अनमोल, हनी मट्टू, बनिंदर बनी, राहुल देव, अवतार गिल और आरिफ जकारिया ने केन्द्रीय भूमिकाएं अदा की।
“मस्तानी” फिल्म शरण आर्ट द्वारा लिखित और निर्देशित है। इसके संवाद संवाद हरनव बीर सिंह ने लिखे हैँ जबकि एक्शन डायरेक्टर अजय ठाकुर हैं।
फिल्म की कहानी उस समय की है जब ईरान के तत्कालीन शासक नादिरशाह ने भारत को लूटा और लोगों को दास के रूप में बेचने के लिए पकड़ लिया था। उत्तरी पंजाब से होते हुए ईरान लौटते समय उनका पहली बार सिखों से सामना हुआ। सिखों की वीरता पर आधारित यह फिल्म हर उम्र के दर्शकों को प्रभावित कर गई। इस आयोजन में उत्तर प्रदेश पंजाबी अकादमी के पूर्व सदस्य लखविंदर पाल सिंह का विशेष योगदान रहा।

अकादमी के जनसंपर्क अधिकारी अरविन्द नारायण मिश्र ने यह जानकारी भी दी कि अब अकादमी का नया कार्यालय इंदिरा भवन के 444 कक्ष में स्थानांतरित कर दिया गया है। इससे पहले अकादमी का कार्यालय अशोक मार्ग स्थित गोमती रेजीडेंसी से संचालित किया जा रहा था।

