लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उद्यमी मित्र योजना के अंतर्गत शनिवार को लोकभवन में 102 उद्यमी मित्रों को नियुक्ति पत्र दिया। सीएम योगी ने औद्योगिक विकास नीति और खाद्य प्रसंस्करण नीति के तहत 223 करोड़ की प्रोत्साहन राशि भी उद्यमियों को दिया। इस अवसर में उन्होंने कहा कि प्रदेश की कानून व्यवस्था पर कोई ऊंगली नहीं उठा सकता है। क्योकि आज हमने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर कोई गुंजाइश नहीं छोड़ी है। हमें औद्योगिक विकास पर भी कोई गुंजाइश नहीं छोड़नी है।

उद्यमी मित्र अगर राज्य के लिए काम करेंगे तो राज्य सरकार भी उनके लिए खड़ी रहेगी। तीसरी आंख के रूप में उद्यमी मित्रों को काम करना है। आज उत्तर प्रदेश में उद्यमी से गुंडा तो दूर कोई राजनीतिक सहयोग भी नहीं मांगता है। उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि नियुक्ति पत्र वितरण के कार्यक्रम में प्रदेश के 102 उद्यमी मित्र को जोड़ा जा रहा है। प्रदेश के अंदर चयनित नए उद्यमी मित्र को मैं बधाई देता हूं। उद्यमी मित्र के जीवन की नई पारी अब शुरू होने जा रही है। प्रत्येक माह आप के कार्यों का मूल्यांकन होगा। जो भी 3 साल में अच्छा काम करेगा, उसे हम उत्तर प्रदेश की अलग-अलग अथॉरिटी में जो काम करना चाहेगा, उसको प्रॉयोरिटी देंगे। उद्यमी मित्र की प्राथमिकता यूपी की अर्थव्यवस्था को 1 ट्रिलियन डॉलर पहुंचाना है। 1500 लोगों ने उद्यमी मित्र के लिए आवेदन किया था, जिसमें 102 उद्यमी मित्र चयनित किए गए हैं। उद्यमी मित्र के लिए जिन लोगों ने आवेदन किया था, उनमें कई ने उच्च संस्थान से शिक्षा प्राप्त की है। अब उद्यमी मित्रों के पास एक अवसर है। जैसे-जैसे आप काम करेंगे, आप का काम उत्तर प्रदेश में दिखेगा। आप को बता दें कि ये उद्यमी मित्र विभिन्न औद्योगिक विभागों में सलाहकार की भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में लगातार बदलाव दिखता रहेगा अत: आप उत्तर प्रदेश में निवेश कीजिए ।
sudha jaiswal