लखनऊ। राजधानी के नगर निगम चुनाव में एक सीट सभी की दिलचस्पी का केंद्र बन गई है। दरअसल जानी मानी सोशल एक्टिविस्ट वीना राना इस्माइल गंज द्वितीय वार्ड से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में दावेदारी कर रही हैं। आम तौर पर महिला सीटों पर सभी पॉलिटिकल पार्टी अपने पुरुष नेताओं की पत्नियों को चुनाव में बतौर डमी उतारते रहे हैं, अक्सर वार्ड की जानकारी होना तो दूर वो महिलाएं चुनाव प्रचार में भी नहीं जाती। इससे उलट वीना राना कल से जनसंर्पक में जुट गई है । एक प्रत्याशी के रूप में पाकर पूरे वार्ड में वीना राना की जबरदस्त चर्चा है। वीना राना कहती हैं कि दस वर्ष पहले हमने इस वार्ड से युवा छात्र नेता पीयूष मिश्रा को लड़ाया था,और तब इस चुनाव के संचालन की जिम्मेदारी संभाली थी, इसलिए इस वार्ड के चप्पे चप्पे से मैं वाकिफ हूं और मुझे इस मिथक को भी तोड़ना है कि महिलाएं सिर्फ डमी होती हैं साथ ही आरक्षित महिला सीटों पर भी बड़ी पार्टियां अपनी महिला कार्यकर्ताओं को टिकट नहीं देते, इसलिए उन्हें हराना जरूरी है ।
क्षेत्र की शिक्षिका प्रतिमा ने बताया वार्ड में महिलाओं की समस्या को कभी देखा ही नहीं गया..साथ ही मच्छर, साफ पानी ,सफाई, जल भराव और सड़क ,स्वास्थ्य केंद्र तो ऐसे मुद्दे हैं जिन्हे जरा सी मॉनिटरिंग और स्किल से वार्ड में दुरुस्त किया जा सकता है, सिर्फ बीमारियों से बचाव ही हो जाय तो इस दौर में हर परिवार की कितनी बड़ी समस्या हल हो जाय ,मगर किसी पार्षद पास ऐसा विजन तो हो। मगर जब हमने वीना राना का ब्रोशर देखा और इनकी मीटिंग सुनी तो हमें लगा ..ऐसा ही नेतृत्व हमे चाहिए।
वीना राना कहती हैं कि लोग ब्रोशर देख कर यकीन ही नहीं करते कि कोई महिला ऐसी भी हो सकती है, गौरतलब है..हर पार्टी की सरकार के खिलाफ वीना के संघर्ष शहर और देश में चर्चित रहे हैं..आशियाना रेप केस से लेकर हालिया हाथरस बलात्कार काण्ड तक वो मोर्चा लेती रहीं और गिरफ्तारियां हुई। मंहगाई, बेरोजगारी, राशन के सवाल और सफाई के मुद्दों पर उन्होंने बड़े संघर्ष किए। अवैध शराब के खिलाफ ऐतिहासिक आंदोलन से लेकर सामाजिक सद्भाव और प्रथम स्वाधीनता संग्राम 1857 के इस्माइल गंज क्षेत्र में होने वाले कार्यक्रमों के आयोजन में उनकी भूमिका रही है जो पूरे देश में चर्चित हुए। युवाओं और कलाकारों के बड़े सांस्कृतिक आयोजन उन्होंने करवाए हैं, अत: शहर और देश के कई प्रबुद्ध सांस्कृतिक संगठन, कर्मचारी नेता,शिक्षक नेता भी उन्हे सक्रिय समर्थन दे रहे हैं । हाईकोर्ट के वकीलों का एक बड़ा समूह उनके पक्ष में सक्रिय है।
ऐसे में दो विधान सभा और दो लोकसभा क्षेत्र में शामिल ये इस्माइल गंज द्वितीय वार्ड एक हॉट सीट बन गया है और लोगों की दिलचस्पी इस बात में है कि हमेशा पार्टी और दलों को खारिज करते हुए निर्दलीय प्रत्याशी पर भरोसा जताने वाली ये सीट क्या वीना राना जैसी पढ़ी लिखी,अनुभवी,संघर्ष शील आंदोलनकारी महिला को चुन कर भेजेगी या नहीं। बहरहाल वीना राना जैसी प्रबुद्ध महिलाओं की चुनावी धमक से महिलाओं को डमी प्रत्याशी या प्रतीकात्मक प्रत्याशी वाली पितृसत्तात्मक समझ तो जरूर टूटनी शुरू हो गई है। सनी, बिलाल, सोनू, संहिता,आदर्श, अर्चना, जैसे युवा समर्थकों का कहना है की वीना दीदी के चुनाव प्रचार के साथ हम लोगों की समस्याएं सुनने,संवाद करने की कला आदि भी सीखते जा रहे हैं जो एक तरह से हमारी मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई ही हो रही है।
sudha jaiswal