एक मनुष्य के जीवन के सोलह संस्कारों में मुंडन संस्कार उसके जन्म के पहले या तीसरे वर्ष में किया जाता है। इसका उसके जीवन में बहुत महत्व होता है क्योंकि इस दिन वह जन्म से मिली अशुद्धियों से पूर्णतया मुक्त हो जाता है। जो केश उसे अपनी माँ के गर्भ से मिले थे वह अब काट दिए जाते है। इस समय माता-पिता को अपने बच्चे का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता भी पड़ती है।
अब आप सोच रहे होंगे कि इस संस्कार को करवाने का क्या लाभ मिलता है तथा इससे शिशु के जीवन में क्या बदलाव आता है। इसलिये आज हम आपको मुंडन संस्कार करवाने के विभिन्न लाभों के बारे में बताएँगे। आइये जानते हैं।
बच्चो का मुंडन संस्कार करवाने के लाभ
मस्तिष्क की अशुद्धियों का विनाश
जब शिशु अपनी माँ के गर्भ में होता हैं तब उसके शरीर में कई प्रकार की अशुद्धियाँ चली जाती है। इसमें से आधी अशुद्धियाँ अन्नप्राशन संस्कार के द्वारा समाप्त कर दी जाती है व बाकि की अशुद्धियों मुंडन संस्कार के समय समाप्त की जाती है। एक मनुष्य के शरीर का सबसे अहम अंग उसका मस्तिष्क ही होता है तथा जो बाल उसे गर्भ से मिले होते हैं उनमे कई प्रकार के जीवाणु-विषाणु विद्यमान होते है।
चूँकि जन्म के एक वर्ष से पहले तक बच्चे का मुंडन संस्कार करवाना हानिकारक माना जाता है क्योंकि तब तक उसका सिर कच्चा होता है। इसलिये एक वर्ष के पश्चात उसका सिर पक्का हो जाता है तब उसके सिर से केशों को हटाकर अशुद्धियों से मुक्त किया जाता है।
विटामिन डी मिलना
सूर्य ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत होता है तथा उसी से ही हमें विटामिन डी मिलता है। जब शिशु के बाल कटवा दिए जाते है तब उसके मस्तिष्क पर सूर्य की किरणें सीधी पड़ती है। उस समय यह उसके लिए अत्यंत लाभदायक होती है क्योंकि तब वह अपना विकास कर ही रहा होता है। सूर्य की किरणों का मिलने के कारण उसका रक्त प्रवाह ठीक होता है तथा शरीर मजबूत बनता है। इससे उसकी हड्डियाँ भी मजबूत बनती है।
तेज बुद्धि के लिए
आप ध्यान देंगे कि प्राचीन समय में ज्यादातर बच्चों को गुरुकुल भेजते समय मुंडन करवा दिया जाता था। यह इसलिये करवाया जाता था क्योंकि इससे उनके अंदर ज्ञान प्राप्त करने की शक्ति बढ़ जाती है तथा बुद्धि तेज बनती है। इसी कारणवश सभी पंडित केवल एक शिखा रखते है। इसलिये मुंडन संस्कार के द्वारा शिशु को तेज बुद्धि भी प्राप्त होती है जो उसके मानसिक विकास में सहायक है।
मजबूत बालों के लिए
जो बाल शिशु को जन्म से मिले होते है वह अत्यधिक कोमल तथा कच्चे होते है। मुंडन करवाने के पश्चात उसके जो बाल आते है वह मजबूत जड़ों वाले होते है। साथ ही उनके बालों में भी वृद्धि होती है तथा वह पहले की अपेक्षा घने होते है। इसलिये मुंडन संस्कार करवाने का एक मुख्य लाभ सुंदर व मजबूत बालों को लाने का भी होता है।
दांतों की खुजली समाप्त होना
इस समय बच्चे के दांत भी निकल रहे होते हैं जिससे उन्हें बहुत खुजली होती है। इस कारण बच्चे चिढ़चिढ़े भी हो जाते है तथा इधर-उधर चीज़ों को काटते फिरते है। मुंडन करवाने के पश्चात उनके मस्तिष्क में ठंडक का अनुभव होता है जिससे उनके पूरे शरीर पर इसका प्रभाव पड़ता है। इसके पश्चात बच्चे को दांतों की खुजली होनी या तो बंद हो जाती है या बहुत कम होती है।
Anupama Dubey