अयोध्या में बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद से ही 6 दिसंबर को हिन्दू व उनके सहयोगी संगठन इसे शौर्य दिवस के रूप में मनाते हैं। वहीँ मुस्लिम समाज इसे काला दिवस के रूप में मनाता है।
समाजिक सौहार्द को देखते हुए अयोध्या में धारा 144 लगा दी गई है। प्रशासन ने चप्पे-चप्पे पर अपनी नजर गड़ा रखी है। इस समय अयोध्या में पुलिस प्रशासन हाई अलर्ट मोड़ पर है। इससे पूर्व सोमवार को सुरक्षा के सभी थाना क्षेत्रों में रेलवे स्टेशन व बस अड्डों पर सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। प्रशासन ने बिना किसी सूचना के कोई भी कार्यक्रम आयोजित करने पर सख़्त मनाही की है तो दूसरी ओर रामलला की ओर जाने वाले रास्ते की सुरक्षा भी बढ़ा दी गई है।
कारसेवकों ने गिराया था विवादित ढांचा
राम की नगरी अयोध्या में छह दिसंबर 1992 की तारीख को अयोध्या में बाबरी मस्जिद का कारसेवकों ने विवादित ढांचा गिराया था। तभी से इस इस दिन को बाबरी विध्वंस की बरसी के रूप में मनाया जाता है। मस्जिद के विध्वंस के बाद 30 वर्षों में अयोध्या ऐतिहासिक बदलाव देखने को मिला है। नौ नवंबर 2019 को सुप्रीम फैसला आने के बाद से न केवल भव्य राम मंदिर बन रहा है। बल्कि दिव्य अयोध्या भी निर्मित हो रही है।
हिंदू और मुस्लिम दोनों पक्ष भव्य राम मंदिर के निर्माण का स्वागत कर रहे है। मुस्लिम पक्षकार रहे इकबाल अंसारी ने बताया कि राम नगरी के मुसलमान मस्जिद के ध्वंस को लेकर कोई मातम नहीं मना रहे है। यहां सब बस राम मंदिर के भव्य निर्माण का इंतजार कर रहे है।
40 प्रतिशत तक पूरा हो चुका काम
श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के न्याय डॉ० अनिल मिश्र का कहना है कि राम मंदिर का निर्माण युद्धस्तर पर चल रहा है। गर्भगृह से लेकर गूढ़ मंडप, नृत्य मंडप व रंगमंडप में राजस्थान से लाए गये तराशे पत्थरों का काम भी गति पकड़ चुका है और पिलर लगाने का काम भी शुरू हो चुका है। परिसर में यात्री सुविधाओं के विकास के लिए तीर्थ यात्री केंद्र के निर्माण की योजना पर भी मंथन हो रहा है। शीघ्र ही यात्री केंद्र का शिलान्यास भी किया जाएगा।