वाराणसी। मौसम विभाग की ओर से यूपी में 3 दिनों तक भीषण बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में गुरुवार की रात से ही बारिश ने दस्तक दे दी और लगातार बारिश का सिससिला बना रहा। वहीं रात से लेकर शुक्रवार की सुबह तक हुई मानसून की पहली झमाझम बारिश (Varanasi Water logging) ने वाराणसी स्मार्ट सिटी की करोड़ों की परियोजनाओं और नगर निगम की बदइंतजामी की पोल खोल दी है।

शहर के कई इलाकों में जलभराव की दिक्क्तों (Varanasi Water logging) की वजह से लोगों को देर रात तक जाम का सामना करना पड़ा। यह स्थिति सीवर ओवरफ्लो आदि की वजह से हुई जिसके चलते आम जनमानस को यह परेशानी झेलनी पड़ी। महमूरगंज, सिगरा, मंडुवाडीह, लंका, पांडेयपुर, सारनाथ, कचहरी, गोदौलिया, नई सड़क, बेनियाबाग, औरंगाबाद में भी लोग जलभराव (Varanasi Water logging) से जूझे।

अंधरापुल, सिगरा से लल्लापुरा मार्ग, सितारा देवी पथ की स्थिति बद से बदतर हो गई है। मंडुवाडीह, सरकारीपुरा, भुल्लनपुर पीएसी गेट के सामने, शिवदासपुर कॉलोनी, लोहता चौराहे से धमरिया पुल तक जाने वाली इन सभी सड़कों पर जलभराव (Varanasi Water logging) हो गया है।
Varanasi Water logging : अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तंज करते हुए किया ट्वीट
वहीं वाराणसी की इस स्थिति को लेकर विपक्ष ने इसे राजनीतिक रूख देते हुए इसपर अपनी राजनीतिक रोटी सेकनी शुरू कर दी है। शहर में हुए जलभराव (Varanasi Water logging) और लोगों को हुई दिक्कतों को लेकर पूर्व सीएम व सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर तंज करते हुए ट्वीट किया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि ‘‘बारिश ने आते ही भाजपाई विकास सच दिखा दिया। काशी को क्योटो बनाने चले थे, लेकिन बना दिया बेनिस।’’
वहीं अखिलेश यादव ने वाराणसी शहर की कुछ तस्वीरें भी ट्वीटर पर साझा किया है। उन्होंने इसके जरिये भाजपा के विकास के वादे पर कटाक्ष किया।
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बताते चलें कि गुरुवार की शाम से ही शहर में बारिश शुरू हो गयी और देर रात के बाद बारिश रुक-रुककर शुक्रवार की सुबह नौ बजे तक बारिश होती रही। लगातार जारी रहे इस बारिश के दौर के चलते शहर में जगह-जगह जलभराव (Varanasi Water logging) की स्थिति पैदा हो गई।

