वाराणसी। हरहुआ क्षेत्र के किसानों ने आज रविवार को वर्ल्ड एक्सपो आवास योजना के अन्तर्गत नोटिस (Land Acquisition) पाने वाले सैकडो किसानो ने रामसिह पुर(हरहुआ) स्थित डिहबाबा मंदिर के प्रांगण मे विरोध का बिगुल फूंका।जहां क्रमवार आंदोलन की रणनीति बनाई और लम्बी लडाई की रुपरेखा तय की। 10 गाँवो के किसानो ने एक सुर मे कहा कि जान दे देंगे जमीन नहीं। बैठक (Land Acquisition) मे मोर्चे का गठन किया गया और गांववार जिम्मेवारी सौंपी गयी।

बैठक (Land Acquisition) मे डीएम को सीएम को संबोधित ज्ञापन बुधवार को सौंपने का एलान किया। किसान सुभाष सिंह ने कहा कि छोटे -छोटे किसानों के जीविका का एकमात्र साधन कृषि है यदि जमीन चली गई तो लोग भूखे मरेंगे।
Land Acquisition : किसानों ने विरोध जताते हुए कही ये बात
प्रधान संघ हरहुआ अध्यक्ष लालमन यादव ने कहा कि जिला प्रशासन किसानों से कोई वार्ता नहीं कि सीधे तौर पर विकास के नाम पर उजाड़ने का कार्य कर रही है इसे कत्तई बर्दास्त नहीं की जाएगी।

वहीं सत्यप्रकाश मिश्र ने किसानों के साथ सीधा अत्याचार बताया। इसके साथ ही ग्राम प्रधान कोइराजपुर मोदी यादव का कहना रहा कि किसान अपनी हक और पूर्वजी जमीनों को किसी भी सूरत में नहीं देंगे। अपनी आजीविका के लिए जान तक दे देंगे पर जमीन का एक टुकड़ा तक नहीं देंगे।
किसान सभा (Land Acquisition) की अध्यक्षता करते हुए रामसिंहपुर के प्रधान अमित सिंह “नीलू सिंह” ने कहा कि रामसिंहपुर,सिंहापुर, वाजिदपुर व देवनाथपुर के 100% किसानों व अन्य गांवों के80%किसानों ने वीडीए में आपत्ति दाखिल कर दी है।किसान हित के लिए हाईकोर्ट सहित सुप्रीम कोर्ट तक किसान लड़ाई के लिए तैयार हैं। विरोध में जुलूस, धरना,बैठक व प्रदर्शन अंतिम दम तक लड़ी जाएगी। हरहुआ के किसान सरकार की मनमानी नहीं चलने देंगे।

प्रमुख वक्ताओं में कैलाश नाथ सिंह, धर्मेंद्र सिंह, प्रधान हरहुआ अनवर उर्फ अन्नू , दिनेश सिंह, छेदी मिश्रा, बलवंत सिंह , विजय मिश्र, इन्द्रकेश सिंह, पप्पू सिंह, अनिल पांडेय, नागेंद्र सिंह, राकेश सिंह, जटाशंकर समेत कई किसानों ने जमीन अधिग्रहण (Land Acquisition) का विरोध जताया।

