Banaras Politics: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की हार पर मीडिया से बातचीत किया। उन्होंने कहा कि राजनीति में ऐसे परिणाम आते हैं। कांग्रेस की हार से हम निराश नहीं हैं, बल्कि लोकसभा चुनाव में पूरी तैयारी के साथ मुकाबला करेंगे।
सपा प्रमुख सोमवार को वाराणसी पहुंचे। यहां वे विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल हुए। अखिलेश यादव ने सितम्बर माह में एक घटना में मृत सौरभ यादव के घर पहुंचकर श्रद्धांजलि अर्पित किया। साथ ही उनके परिजनों को 50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने समाजवादी पार्टी फण्ड से सौरभ के परिजनों को पांच लाख रुपए देने की भी घोषणा की।
Banaras Politics: अखिलेश बोले – जनता का लोकतान्त्रिक फैसला हमें स्वीकार
अखिलेश यादव ने तीन राज्यों के विधानसभा चुनाव में विपक्ष को मिले हार पर भी बात [Banaras Politics] किया। उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को परिणामों को स्वीकार करना चाहिए। जिन पार्टियों को बीजेपी से मुकाबला करना है, उन्हें पूरी तैयारी करनी होगी। भाजपा जिस रणनीति के तहत इतनी सीटें जीत रही है, उसका मुकाबला करने के लिए अनुशासन व मुकम्मल तैयारी जरूरी है। देश में तमाम मुद्दे हैं। न लोगों की आमदनी दोगुनी हुई और न ही रोजगार मिला। महंगाई, बेरोजगारी समेत तमाम गंभीर समस्याएं अभी भी है। हम इन्हीं मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएंगे। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि आगे परिणाम दूसरे होंगे।

उन्होंने बगैर किसी पार्टी का नाम लिए कांग्रेस पर वार [Banaras Politics] किया। कहा कि तीन राज्यों में परिणाम आ गया और कुछ लोगों का अहंकार खत्म हो गया। समाजवादियों का उत्तर प्रदेश में संघर्ष बड़ा है। समाजवादियों को बड़े फैसले लेने हैं। कहा कि जो दल जहां मजबूत है, उसको दूसरे दल वहां सहयोग करेंगे। उन्होंने कहा कि एमपी कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर बात नहीं बन पाई थी। वहां परिस्थितियां अलग थीं। EVM के सवाल पर अखिलेश बोले, हमारे लैपटॉप अभी चल रहे हैं। हमको जापान और अमेरिका से सीखना चाहिए। वहां एक महीने काउंटिंग होती है। कांग्रेस के सनातन विरोध पर बोले, हम सब लोग सनातन धर्म को मानने वाले हैं।

सनातन धर्म और राम के मुद्दे [Banaras Politics] को लेकर उन्होंने कहा कि ये हमें और आपको गुमराह करने के लिए बीजेपी का एजेंडा है। ये लोग खुद सनातनी नहीं हैं। नॉनवेज खाने वाले कभी सनातनी नहीं हो सकते। क्या बीजेपी के लोग नॉनवेज नहीं खाते? अखिलेश ने कहा कि असली सनातनी को दूध भी नहीं पीना चाहिए। दूध में भी अच्छे बैक्टीरिया हैं, जिनकी जान नहीं लेनी चाहिए। जैन धर्म में लोग मुंह बंद रखते हैं कि मुंह में कीटाणु न चले जाएं और मर न जाएं। बीजेपी केवल हमें और आपको गुमराह करना चाह रही है।
अखिलेश यादव ने बेरोजगारी और नमामि गंगे परियोजना पर भी सरकार को घेरने का प्रयास [Banaras Politics] किया। उन्होंने कहा कि एक मीटर नाला साफ़ करने के लिए सरकार ने करोड़ों खर्च कर दिए। दस वर्षों में गंगा में और नाला सफाई में वाराणसी में प्रति मीटर करोड़ों रुपए खर्च हुए हैं। इसमें बड़ा घोटाला हुआ है। सरकार ने गंगा समेत यमुना और सहायक नदियों को बर्बाद कर दिया। ये वही लोग हैं, जो मां गंगा का पानी लेकर कसम खाते हैं। हमें उम्मीद है कि 2024 में जनता इनके सब पाप धो देगी।
ज्ञानवापी के वजूखाने पर दिए बयान [Banaras Politics] पर अखिलेश ने कहा कि मैंने कुछ भी गलत नहीं कहा। मुझे पेड़ मिल जाए, तो मैं उसकी पूजा करूंगा। पीपल के पेड़ के नीचे पत्थर और लाल कपड़ा रख दिया जाय, तो लोग पूजा करने लगते हैं। यही सनातन धर्म है। हम हवा, धरती, पेड़ और पानी भी पूजते हैं। हम सभी तत्वों की पूजा करते हैं। इसका जवाब कोर्ट में हम देंगे। लेकिन जो हमने परिभाषा पढ़ी है, वह यही पढ़ी है कि हर एक चीज़ की पूजा करो। सनातन धर्म हमें यही सिखाता है।

