वाराणसी के पिंडरा तहसील [Pindra Tehsil] पर अधिवक्तागढ़ समस्याओं से जूझ रहे हैं, ना पानी पीने की व्यवस्था ना बाथरूम जाने की व्यवस्था और ना ही बैठने के लिए चबूतरे मजबूरी में कर रहे हैं, वकालत। पिंडरा तहसील [Pindra Tehsil] के पूर्व अध्यक्ष शिवपूजन सिंह ने बताया कि तहसील परिसर पूरी तरह से गंदगी में तब्दील है। यहां पर कोई व्यवस्था उपलब्ध नहीं है। ना ही साफ सफाई का ना ही बैठने का छांव है। जिससे हम अधिवक्तागढ़ मुसीबत को झेल रहे हैं।
Pindra Tehsil में कभी नहीं रहती साफ सफाई
सरकार अधिवक्ताओं के लिए कोई व्यवस्था नहीं कर रही है। जिससे सभी वकीलों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा हैं। वहीं पूर्व महामंत्री श्याम मोहन उपाध्याय ने बताया कि पिणडा तहसील [Pindra Tehsil] परिसर में पानी पीने के लिए 20 खर्च करने पड़ते हैं। टॉयलेट की ऐसी व्यवस्था है, कि उसमें हिलने के लिए जगह ही नहीं है। जहां पर जगह है वहां पर कूड़ा घर बना हुआ है। जससे अधिवक्ताओं के सामने मुसीबतों का पहाड़ है। पिंडरा परिसर में कभी साफ सफाई नहीं रहता है। एक तरफ सरकार का स्वच्छ भारत अभियान चल रहा है। तो दूसरी तरफ पूरी तरह से स्वच्छता अभियान ध्वस्त दिख रहा है।
इतना ही नहीं पानी पीने की व्यवस्था पूरे तहसील परिसर [Pindra Tehsil] कहीं भी नहीं है। जिससे सभी लोगों को प्यास लगती है, तो 20 खर्च कर पानी लेना पड़ता हैं। ऐसे विकट स्थिति में हम लोग वकालत कर रहे हैं। टॉयलेट के पास कूड़ो का अंबार गजा हुआ है। कोई भी साफा सफाई करने वाले कर्मचारी मौजूद नहीं। इस कूड़े के बीच अधिवक्तागढ़ टॉयलेट करने के लिए बेबस रहते हैं। शौचालय की नाली भी पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है।