रूस के मास्को की रहने वाली इन्गा बारादोश [Inga Baradosh] ने अपनी तांत्रिक दिखा को पूरा कर लिया है और अब वह वाराणसी की इन्गानंदमई मां बन गईं हैं। बुधवार को उनकी तांत्रिक दीक्षा पुरे होने के साथ ही इन्गा के नाम के साथ-साथ उनका गोत्र भी बदलकर कश्यप हो गया। वाराणसी के शिवाला स्थित वाग्योग चेतना पीठम में महामहोपाध्याय प्रो. भागीरथ प्रसाद त्रिपाठी द्वारा एक अनुष्ठान का आयोजन किया गया जिसमें इग्ना की तांत्रिक दीक्षा पूरी हुई है।
पं. आशापति शास्त्री ने Inga Baradosh को प्रदान की तांत्रिक दीक्षा
इन्गा [Inga Baradosh] को माता सिद्धिदात्री की तांत्रिक दीक्षा पं. आशापति शास्त्री ने प्रदान की। इग्ना के तांत्रिक दीक्षा का पूजन पं. आशापति शास्त्री के आचार्यत्व में पं सत्यम शास्त्री, पंडित शिवप्रसाद शास्त्री और गंगा प्रसाद शास्त्री ने पूर्ण कराया। गुरुदेव वागीश शास्त्री के सानिध्य में इन्गा ने वर्ष जनवरी 2012 में कुंडलिनी ध्यान का शक्तिपात द्वारा अध्ययन किया था। लोएकिन समय कम होने के कारण वह इसे पूर्ण नहीं कर पाई थीं।
इसके बाद इस वर्ष 2024 में उन्होंने गुरुदेव आशापति से इस दीक्षा को लेने की इच्छा प्रकट की। जिसकी प्रक्रिया में उन्हें पांच दिन की एकांत साधना करने का निर्देश दिया गया। पांच दिनों में प्राप्त अनुभूतियों के आधार पर इग्ना [Inga Baradosh] ने तांत्रिक दीक्षा लेने का निश्चय किया।

